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Pilibhit News: 1700 के सापेक्ष अब तक सिर्फ 1400 युवाओं को मिला ऋण
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सीएम युवा उद्यमी अभियान की प्रगति से डीएम खफा, एलडीएम को फटकार
पीलीभीत। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की खराब प्रगति देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने एलडीएम को डांट लगाई और बैंकों को निर्देशित जल्द से जल्द लक्ष्य पूरा कराने की चेतावनी दी है। जिले में अब तक सिर्फ 1400 इकाइयों को ही ऋण मिल सका है।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए वित्तीय वर्ष 2024- 25 में सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान योजना संचालित की गई। इसमें युवाओं को खुद की स्वरोजगार इकाई स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक ऋण बिना किसी ब्याज और गारंटी के मुहैया कराया जाता है। जिले का लक्ष्य भी तय होता है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में जिले को 1700 इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य मिला था। चार हजार के करीब युवाओं ने योजना के लाभ के लिए आवेदन किया। उद्योग कार्यालय से आवेदन फार्म बैंकों को भेज दिए गए, लेकिन बैंक ने इस पर ध्यान नहीं दिया। ऋण स्वीकृति और वितरण में हीलाहवाली से जिले की प्रगति खराब हो गई। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सिर्फ एक दिन का समय शेष है। अभी 300 के करीब इकाई का लक्ष्य अधूरा है। योजना की प्रगति डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने देखी तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने एलडीएम राजकुमार से नाराजगी जताते हुए लक्ष्य पूरा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी ने बताया कि दो से तीन दिन में लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया। संवाद
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पीलीभीत। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की खराब प्रगति देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने एलडीएम को डांट लगाई और बैंकों को निर्देशित जल्द से जल्द लक्ष्य पूरा कराने की चेतावनी दी है। जिले में अब तक सिर्फ 1400 इकाइयों को ही ऋण मिल सका है।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए वित्तीय वर्ष 2024- 25 में सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान योजना संचालित की गई। इसमें युवाओं को खुद की स्वरोजगार इकाई स्थापित करने के लिए पांच लाख रुपये तक ऋण बिना किसी ब्याज और गारंटी के मुहैया कराया जाता है। जिले का लक्ष्य भी तय होता है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में जिले को 1700 इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य मिला था। चार हजार के करीब युवाओं ने योजना के लाभ के लिए आवेदन किया। उद्योग कार्यालय से आवेदन फार्म बैंकों को भेज दिए गए, लेकिन बैंक ने इस पर ध्यान नहीं दिया। ऋण स्वीकृति और वितरण में हीलाहवाली से जिले की प्रगति खराब हो गई। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सिर्फ एक दिन का समय शेष है। अभी 300 के करीब इकाई का लक्ष्य अधूरा है। योजना की प्रगति डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने देखी तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने एलडीएम राजकुमार से नाराजगी जताते हुए लक्ष्य पूरा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी ने बताया कि दो से तीन दिन में लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया। संवाद
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