{"_id":"6786b27a5df09fac16080b56","slug":"one-and-a-half-crore-spent-access-road-of-bridge-still-incomplete-pedestrians-worried-pilibhit-news-c-4-bly1048-561185-2025-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: डेढ़ करोड़ खर्च, पुल का पहुंच मार्ग अब तक अधूरा, राहगीर परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: डेढ़ करोड़ खर्च, पुल का पहुंच मार्ग अब तक अधूरा, राहगीर परेशान
Wed, 15 Jan 2025 12:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Wed, 15 Jan 2025 12:22 AM IST
विज्ञापन
गोमती उद्गम स्थल के पुल के पहुंच मार्ग पर खड़ा बिजली का खंभा। संवाद
- फोटो : स्रोत : संगठन
पीलीभीत। गोमती उद्गम स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं और आसपास गांवों के ग्रामीणों की सुविधा के लिए करीब डेढ़ करोड़ की लागत से पुल तो बनाया गया, लेकिन पहुंच मार्ग अब तक अधूरा है। इससे करीब 20 हजार आबादी को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
माधोटांडा गांव में गोमती नदी का उद्गम स्थल है। पर्यटन के लिहाज से गोमती उद्गम स्थल पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। वर्ष 2019 के बाद प्रशासन और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के प्रयासों से उद्गम स्थल को पर्यटन के रूप में पहचान मिली। नतीजतन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी। बनारस की तर्ज पर रोजाना आरती का भी आयोजन किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए दो सौ लोगों की क्षमता का बहुउद्देशीय हाल का निर्माण कराया गया है। इधर, एक साल पूर्व उद्गम स्थल झील के जर्जर पुल का नवनिर्माण कराया। यह कार्य लोक निर्माण विभाग की ओर से डेढ़ करोड़ की लागत से कराया गया है। पुल का कार्य तो पूरा हो गया, लेकिन उसका संपर्क मार्ग लंबा समय बीतने के बाद भी नहीं बनाया जा सका। इससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि संपर्क मार्ग के निर्माण को लेकर संबंधित अफसरों से बातचीत की जाएगी।
विज्ञापन
--
पुल के संपर्क मार्ग से नहीं हटाया गया बिजली का खंभा
पुल के संपर्क क्षेत्र में बिजली के खंभे रोड़ा बने हुए हैं। गोमती भक्त निर्भय सिंह ने बताया कि संपर्क मार्ग न बनने से आवागमन में दिक्कतें हो रही है। रोजाना हजारों लोग पुल क्षेत्र से आवाजाही करते हैं। संपर्क मार्ग से बिजली का खंभा भी नहीं हटाया जा सका। कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उद्गम स्थल तक जाने वाली सड़क भी संकरी
माधोटांडा पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को उद्गम स्थल के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इसके लिए माधोटांडा-पूरनपुर मार्ग से एक संपर्क मार्ग जोड़ा गया है। मार्ग संकरा होने से वाहनों की आवाजाही में परेशानी होती है। एक बार में एक ही चार पहिया वाहन संपर्क मार्ग से गुजर पाता है। इसमें भी कई जगह गड्ढों की भरमार है।
इन गांवों के लोगों की होती है आवाजाही
उद्गम स्थल पर बने पुल से श्रद्धालुओं के अलावा माधोटांडा, हरिपुर फुलहर, सुंदरपुर, लोहरपुरी, देवीपुर के अलावा करीब आठ गांव की 20 हजार से अधिक आबादी का माधोटांडा और तहसील मुख्यालय के लिए आना-जाना रहता है। पुल का संपर्क मार्ग अधूरा होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
विज्ञापन
माधोटांडा गांव में गोमती नदी का उद्गम स्थल है। पर्यटन के लिहाज से गोमती उद्गम स्थल पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। वर्ष 2019 के बाद प्रशासन और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों के प्रयासों से उद्गम स्थल को पर्यटन के रूप में पहचान मिली। नतीजतन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी। बनारस की तर्ज पर रोजाना आरती का भी आयोजन किया जा रहा है।
विज्ञापन
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए दो सौ लोगों की क्षमता का बहुउद्देशीय हाल का निर्माण कराया गया है। इधर, एक साल पूर्व उद्गम स्थल झील के जर्जर पुल का नवनिर्माण कराया। यह कार्य लोक निर्माण विभाग की ओर से डेढ़ करोड़ की लागत से कराया गया है। पुल का कार्य तो पूरा हो गया, लेकिन उसका संपर्क मार्ग लंबा समय बीतने के बाद भी नहीं बनाया जा सका। इससे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि संपर्क मार्ग के निर्माण को लेकर संबंधित अफसरों से बातचीत की जाएगी।
विज्ञापन
पुल के संपर्क मार्ग से नहीं हटाया गया बिजली का खंभा
पुल के संपर्क क्षेत्र में बिजली के खंभे रोड़ा बने हुए हैं। गोमती भक्त निर्भय सिंह ने बताया कि संपर्क मार्ग न बनने से आवागमन में दिक्कतें हो रही है। रोजाना हजारों लोग पुल क्षेत्र से आवाजाही करते हैं। संपर्क मार्ग से बिजली का खंभा भी नहीं हटाया जा सका। कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उद्गम स्थल तक जाने वाली सड़क भी संकरी
माधोटांडा पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को उद्गम स्थल के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इसके लिए माधोटांडा-पूरनपुर मार्ग से एक संपर्क मार्ग जोड़ा गया है। मार्ग संकरा होने से वाहनों की आवाजाही में परेशानी होती है। एक बार में एक ही चार पहिया वाहन संपर्क मार्ग से गुजर पाता है। इसमें भी कई जगह गड्ढों की भरमार है।
इन गांवों के लोगों की होती है आवाजाही
उद्गम स्थल पर बने पुल से श्रद्धालुओं के अलावा माधोटांडा, हरिपुर फुलहर, सुंदरपुर, लोहरपुरी, देवीपुर के अलावा करीब आठ गांव की 20 हजार से अधिक आबादी का माधोटांडा और तहसील मुख्यालय के लिए आना-जाना रहता है। पुल का संपर्क मार्ग अधूरा होने से लोगों को परेशानी हो रही है।

गोमती उद्गम स्थल के पुल के पहुंच मार्ग पर खड़ा बिजली का खंभा। संवाद - फोटो : स्रोत : संगठन