फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   On Holi, people spread joy by singing folk songs in the homes of mourners.

Pilibhit News: होली पर गमी वाले घरों में लोकगीत गाकर बांटते हैं खुशी

Mon, 02 Mar 2026 01:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:24 AM IST
विज्ञापन
On Holi, people spread joy by singing folk songs in the homes of mourners.
बीसलपुर में चौपाई का प्रदर्शन कर गमी मिटाते कलाकार फाइल फोटो
बीसलपुर। होली पर गमी वाले घरों में पहुंचकर लोकगीत गाकर शोक खत्म कराने के लिए चौपाई गायन की परंपरा करीब 200 वर्ष पुरानी है। इन टोलियों के ऐसा करने से समाज को नई दिशा मिल रही है।
विज्ञापन

नगर के कुछ मोहल्लों और तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में चौपाई टोलियां बनी हुई हैं। इन टोलियों के कलाकार होली पर गमी वाले घर में जाकर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। संबंधित घरों के लोग इन कलाकारों को मिठाई खिलाते और इनाम देते हैं। ये टोलियां लोकगीतों के माध्यम से दुख भूल कर पर्व की खुशी मनाने का संदेश देती हैं। माना जाता है कि चौपाई गायन के बाद संबंधित घरों की गमी दूर हो जाती है। उन घरों में पूड़ी पकवान बनने लगते हैं। गमी की वजह से जिन परिवारों यह पर्व नहीं मनाया जाता है। वहां के लोग इन कलाकारों को आमंत्रित करते हैं। इन टोलियों में 10 से 15 कलाकार होते हैं। कलाकार घरों के दरवाजे पर ग्रामीण अंदाज में नृत्य करने के साथ लोकगीत गाते हैं। संवाद
विज्ञापन

इन स्थानों पर हैं चौपाई दल
नगर के मोहल्ला दुबे, खेड़ा, दुर्गा प्रसाद, ग्यासपुर, हबीबुल्लाह खान शुमाली के अलावा शादीपुर, पिपरिया, रामभुजा, टिहरी, मानपुर नगरिया, रामपुर फतेहपुर, नवदिया सितारगंज, नवदिया भगत, गोवल, पतिपुरा, मंडरा सुमन, चुटकुना, चंद्रपुर खांड़ेपुर, जसौली, कासिमपुर, अमरा करोड, हाफिज नगर, बरखेड़ा यासीन और गांगूपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन



कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मी भी हैं शामिल
इन दलों में इन चौपाई दलों में कुछ कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं। गांव खांड़ेपुर निवासी डाक विभाग में कर्मचारी कुलिंदर पाल, गांव बरखेड़ा यासीन निवासी शिक्षक कृष्ण पाल, गांव नवदिया भगत के सेवानिवृत्त शिक्षक तेजराम गंगवार अपने अपने गांव के चौपाई दलों में शामिल हैं।


वाद्य यंत्रों से कलाकार रहते हैं लैस
चौपाई दलों के कलाकार हारमोनियम, ढोलक, झांझ, घुंघरू और मंजीरा जैसे वाद्य यंत्र से लैस रहते हैं। अधिकांश कलाकारों के हाथों में मोर पंख भी रहते हैं। कुछ कलाकार भगवान श्री कृष्ण, लिल्ली घोड़ी और जोकर का रूप धारण करके प्रदर्शन करते हैं। कुछ कलाकार नृत्य करते हैं।
---
चार दशकों से लोकहित में कर रहे कार्य




अपने मोहल्ले के चौपाई दल में पिछले चार दशकों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उम्र अब 59 साल हो गई, लेकिन जब तक शरीर में ताकत रहेगी, तब तक यह कार्य लोकहित में करते रहेंगे।

- कन्हई लाल
--


पांच दिन पहले ही रिहर्सल शुरू कर दिया है। पिछले 35 वर्षों से चौपाई गायन कर रहे हैं। कार्यक्रम शुरू करते ही शरीर में गजब की स्फूर्ति आ जाती है।- राजकुमार

बीसलपुर में चौपाई का प्रदर्शन कर गमी मिटाते कलाकार फाइल फोटो

बीसलपुर में चौपाई का प्रदर्शन कर गमी मिटाते कलाकार फाइल फोटो

बीसलपुर में चौपाई का प्रदर्शन कर गमी मिटाते कलाकार फाइल फोटो

बीसलपुर में चौपाई का प्रदर्शन कर गमी मिटाते कलाकार फाइल फोटो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed