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सीलिंग की दो सौ एकड़ जमीन पर कब्जेदारों का ग्रहण, जिम्मेदार मौन

Mon, 30 May 2022 02:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 02:21 AM IST
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Occupation of two hundred acres of ceiling
सिमरा ताल्लुके महाराजपुर क्षेत्र में स्थित सीलिंग की जमीन। - फोटो : PILIBHIT
कलीनगर। सरकारी जमीनों से अवैध कब्जों को हटाने के लिए भले ही सीएम ने सख्त निर्देश दिए हों लेकिन कलीनगर तहसील में कई ऐसे इलाके हैं जहां सैकड़ों एकड़ सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया गया है। तराई क्षेत्र के सिमरा ताल्लुके महाराजपुर में सीलिंग की 200 एकड़ से अधिक जमीन पर वर्षों से पट्टे आवंटित ही नहीं किए गए। कई बार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने को प्रयास किए मगर उन्हें भी धरातल पर कामयाबी नहीं मिल सकी। जिम्मेदारों की नजरअंदाजी और कर्मचारियों की सांठगांठ से कब्जे होते चले गए। सीलिंग की जमीन पर फसलें लहलहा रही हैं।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र के सिमरा ताल्लुके महाराजपुर इलाके में विभिन्न गाटा संख्या में सीलिंग की करीब 200 एकड़ से अधिक भूमि है। इस जमीन पर कई सालों से अतिक्रमणकारी कब्जा करके हर साल लाखों के बारे न्यारे कर रहे हैं। धान-गेहूं और गन्ने की फसल उगाई जा रही है। पहले यह जमीन पट्टा आवंटित करने के लिए अलग की गई थी मगर कुछ लोगों ने राजस्व कर्मियों से सांठगांठ करके इस पर कब्जा शुरू कर दिया। कृषि फसलों का ठेका देकर रकम वसूलते रहे। यह जमीन खसरा खतौनी में सीलिंग में दर्ज चली आ रही है।
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जमीन पर कब्जा करने वालों ने बाद में इसे बटाई पर देना शुरू कर दिया। बताते हैं कि यह खेल निचले स्तर पर कर्मचारियों से सांठगांठ करके ही खेला जा रहा है। प्रत्येक फसल पर छमाही के हिसाब से एक हिस्सा राजस्व कर्मियों को भी पहुंचता है। इसी सांठगांठ के चलते कभी इस भूमि पर पट्टे नहीं हुए। खास बात यह है कि पिछले सालों में जब टाइगर सफारी सेंटर बनने की बात आई थी तो कुछ दूरी पर स्थित बरुआ कुठारा वन क्षेत्र वाले इलाके को ही टाइगर रिजर्व के अफसरों ने उपयुक्त माना था।
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इसका सर्वे भी कराया गया था। टाइगर सफारी के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। बाघों का दीदार इस इलाके में होने के आसार रहते हैं। शारदा डैम की तलहटी का इलाका होने के साथ शारदा नदी भी करीब में ही बह रही है। ऐसे में इस क्षेत्र को पर्यटन स्थत के तौर पर बेहतर माना जाता है। लेकिन न तो पट्टे आवंटित हुए, न ही पर्यटन का रूप मिल सका।
कब्जों को लेकर हो रहे विवाद, पुलिस ने कई को किया मुचलका पाबंद
करीब एक दशक पहले कब्जे कम हुआ करते थे। कुछ लोगों ने सीलिंग की भूमि पर कब्जा करके फसलें उगाना शुरू कर दी। वह इससे कमाई भी करने लगे मगर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई उन लोगों पर नहीं की गई। ऐसे में दूसरे लोगों ने प्रशासन की लापरवाही का फायदा उठाया और शेष भूमि पर कब्जा शुरू कर दिया।
अब दो सौ एकड़ से अधिक पर कब्जा हो चुका है। कब्जेदारों के दो गुट कई बार आमने सामने भी आ चुके है। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। मामला पुलिस के पास पहुंचने पर करीब 25 लोगों पर मुचलका पाबंद की कार्रवाई की। एसडीएम को भी स्थिति से अवगत कराया, हालांकि तहसील प्रशासन की ओर से अभी कोई कदम नहीं उठाया जा सका है।

सिमरा ताल्लुके महाराजपुर में सीलिंग भूमि का मामला एडीएम न्यायालय की विचाराधीन है। निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - संदीप यादव, एसडीएम, कलीनगर
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