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अब बेकार हो गए एपीएल राशन कार्ड
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Mon, 24 Apr 2017 11:48 PM IST
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एपीएल कार्ड धारकों के लिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान और कार्ड दोनों अनुपयोगी हो गए हैं। शासन ने पहले एपीएल कार्ड पर चीनी वितरण बंद किया था, अब कैरोसिन बंद कर दिया गया। अब सरकारी राशन की दुकान से केवल अंत्योदय एवं खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चिह्नित परिवारों को खाद्यान्न और कैरोसिन मिलेगा।
बाजार से कम दाम पर गल्ला, चीनी एवं कैरोसिन आदि उपलब्ध कराने के लिए राशनकार्ड उपलब्ध कराए गए थे, जिसमें सामान्य श्रेणी के लोगों को पीला कार्ड और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को गुलाबी अथवा सफेद कार्ड दिए गए थे। बाद में खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने पर गरीबों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्ड उपलब्ध कराए गए। खाद्य सुरक्षा के कार्ड धारकों को प्रतिमाह खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है जबकि एपीएल के कार्ड पर चीनी और कैरोसिन मिल रहा था। करीब दो माह पूर्व शासन ने इन कार्डो पर चीनी की वितरण भी बंद करा दिया। इसके बाद से इन कार्डों पर केवल कैरोसिन का वितरण ही रह गया। गांव से लेकर शहर कस्बों तक लोग कैरोसिन लेकर रात को लैंप, लालटेन एवं डिबरी आदि जलाते थे, लेकिन अब शासन ने कैरोसिन का वितरण भी बंद दिया। शासन से इसका आदेश जिलापूर्ति कार्यालय पहुंच गया, जिस पर उन्होंने सभी कोटेदारों को इसकी सूचना उपलब्ध करा दी है। इस आदेश के अनुसार एपीएल कार्ड धारकों को प्रतिमाह मिलने पर डेढ़ लीटर कैरोसिन अब नहीं मिलेगा जबकि अंत्योदय के कार्ड धारकों को अब चार और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र परिवारों को दो लीटर प्रति माह कैरोसिन मिलेगा। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा ने बताया कि एपीएल कार्ड धारकों को कैरोसिन वितरण बंद करने संबंधी आदेश प्राप्त हो गया है। इसे सभी कोटेदारों को उपलब्ध करा दिया गया है।
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बाजार से कम दाम पर गल्ला, चीनी एवं कैरोसिन आदि उपलब्ध कराने के लिए राशनकार्ड उपलब्ध कराए गए थे, जिसमें सामान्य श्रेणी के लोगों को पीला कार्ड और गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को गुलाबी अथवा सफेद कार्ड दिए गए थे। बाद में खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने पर गरीबों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्ड उपलब्ध कराए गए। खाद्य सुरक्षा के कार्ड धारकों को प्रतिमाह खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है जबकि एपीएल के कार्ड पर चीनी और कैरोसिन मिल रहा था। करीब दो माह पूर्व शासन ने इन कार्डो पर चीनी की वितरण भी बंद करा दिया। इसके बाद से इन कार्डों पर केवल कैरोसिन का वितरण ही रह गया। गांव से लेकर शहर कस्बों तक लोग कैरोसिन लेकर रात को लैंप, लालटेन एवं डिबरी आदि जलाते थे, लेकिन अब शासन ने कैरोसिन का वितरण भी बंद दिया। शासन से इसका आदेश जिलापूर्ति कार्यालय पहुंच गया, जिस पर उन्होंने सभी कोटेदारों को इसकी सूचना उपलब्ध करा दी है। इस आदेश के अनुसार एपीएल कार्ड धारकों को प्रतिमाह मिलने पर डेढ़ लीटर कैरोसिन अब नहीं मिलेगा जबकि अंत्योदय के कार्ड धारकों को अब चार और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्र परिवारों को दो लीटर प्रति माह कैरोसिन मिलेगा। जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा ने बताया कि एपीएल कार्ड धारकों को कैरोसिन वितरण बंद करने संबंधी आदेश प्राप्त हो गया है। इसे सभी कोटेदारों को उपलब्ध करा दिया गया है।
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