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एनएच की मरम्मत के लिए मंत्री धरना
Jhonabad
Updated Sun, 09 Aug 2015 11:31 PM IST
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राष्ट्रीय राजमार्ग की दुर्दशा से नाराज राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद ने रविवार को दलबल के साथ निसरा गांव के निकट धरना दिया। उन्होंने केंद्रीय सरकार एवं उनके मंत्रियों की आलोचना करते हुए पुतला दहन किया और एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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बरेली से हरिद्वार तक जाने वाले नेशनल हाइवे 30 का निर्माण पिछले कई वर्षों से चल रहा है लेकिन काम पूरा नहीं हो पा रहा है। मार्ग की दुर्दशा के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। काम जल्द पूरा कराने को पिछले दिनों राज्यमंत्री ने धरने की चेतावनी दी थी। रविवार को राज्यमंत्री सुबह 10:00 बजे लाव लश्कर के साथ हाइवे पर स्थित गांव निसरा पहुंचे और धरना शुरू किया जो दोपहर दो बजे तक चला। उन्होंने कहा कि मार्ग ठीक न होने से आए दिन घटनाएं हो रही हैं, जिससे लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ रही है। केंद्र सरकार की मंत्री मेनका गांधी इसके प्रति उदासीन हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मार्ग का निर्माण जल्द शुरू नहीं कराया गया तो समाजवादी पार्टी किसी भी केंद्रीय मंत्री को जिले में घुसने नहीं देगी। जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव ने भी धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
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इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मेनका गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना के प्रदर्शन के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का पुतला दहन किया। धरना स्थल पर मौजूद एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर यादव व तहसीलदार इंद्राकांत द्विवेदी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इसमें नेशनल हाइवे का काम जल्द शुरू कराने की मांग की गई। प्रदर्शन में तसलीम शान खां, अमित पाठक, अफजाल अहमद, मोहन सिंह, चंद्रसेन वर्मा, आसिफ अली कादरी, मोहम्मद आरिफ, हाशिम, बुदू प्रधान पलविंदर सिंह आदि मौजूद रहे।
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एनएचआई के लिए धरना, अन्य सड़कों का क्या होगा?
बरेली से जहानाबाद अमरिया होते हुए हरिद्वार तक जाने वाले नेशनल हाइवे 30 की स्थिति का अध्ययन करने तीन दिन पूर्व ही नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की टीम पीलीभीत पहुंची थी। इस पर केंद्रीय मंत्री और राज्यमंत्री दोनों ने इसका श्रेय लेने का प्रयास किया था। राज्यमंत्री का दावा था कि उनके द्वारा केंद्र सरकार से की गई शिकायत पर टीम यहां पहुंची है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब ऐसी क्या जल्दी आ पड़ी कि राज्यमंत्री को धरना देना पड़ गया। वहीं जिले की अन्य खस्ताहाल सड़कों के निर्माण के लिए आंदोलन तो दूर प्रयास भी नहीं किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 30 इन दिनों लोगों की मुसीबत का सबब बना हुआ है। पहले इसका काम प्रदेश सरकार के अधीन पीडब्ल्यूडी की नेशनल हाइवे शाखा द्वारा किया जाना था लेकिन लेटलतीफी के कारण इसका काम अब एनएचएआई को सौंप दिया गया। तीन दिन पहले सीजीएम कर्नल खुशवंत सिंह टीम के साथ पहुंचे थे और उन्होंने मार्ग का निरीक्षण करने के बाद काम में तेजी लाने के निर्देश अधीनस्थों को दिए थे। इसके बाद राज्यमंत्री ने कहा कि एनएच के निर्माण में तेजी लाने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखा, जिसके बाद यह टीम पीलीभीत पहुंची है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब उनकी शिकायत पर तीन दिन पूर्व ही टीम यहां पहुंची थी तो फिर धरना क्यों। जबकि जिले में पीलीभीत माधोटांडा सहित कई सड़कें ऐसी हैं, जिनपर वाहन तो क्या पैदल चलना भी मुश्किल है। आखिर राज्य सरकार से बनने वाली सड़कों के लिए अब तक कोई प्रयास क्यों नहीं किए गए।
नेशनल हाइवे निर्माण की शिकायत पर टीम आई थी लेकिन दो दिन दिखावा करने के बाद काम बंद करा दिया गया, इसलिए धरना देकर चेतावनी दी गई है। रहा सवाल जिले की अन्य सड़कों का तो माधोटांडा रोड के लिए बजट का गजट हो गया है। उस पर भी जल्द काम शुरू हो जाएगा।
हाजी रियाज अहमद
खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री, उप्र सरकार