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Pilibhit News: तौलिया में लिपटी मिली नवजात कन्या छूटा सवाल- खेत में कौन छोड़ गया
Sun, 28 Sep 2025 07:34 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 28 Sep 2025 07:34 AM IST
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मझोला। रिया क्षेत्र की जोशी कॉलोनी के एक खेत में शुक्रवार सुबह एक नवजात बच्ची मिली। कुछ घंटे पहले ही जन्मी यह बच्ची कौन छोड़ गया, इसका कुछ पता नहीं चल सका।
नवरात्र के दौरान कन्या के इस तरह मिलने के बाद भीड़ उमड़ पड़ी। एक ग्रामीण ने इस बच्ची से अपनी विवाहित बहन की गोद का सूनापन खत्म करने की इच्छा जताई, जिस पर गांव के सभी लोगों ने सहमति दे दी।
जोशी कॉलोनी में सुखरंजन के जोते गए खाली खेत में यह बच्ची मिली। सुखरंजन सुबह करीब आठ बजे जब खेत पर पहुंचे तो बच्चे के रोने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो वह आवाज लाल रंग की तौलिया में लिपटी नवजात कन्या की पाई। उसकी नाल भी नहीं कटी थी।
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माना जा रहा है कि सुबह धूप की शुरुआत होने पर बच्ची ने रोना शुरू किया। खेत में बच्ची के मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों का कहना है कि नवरात्र के पावन दिनों में कन्या को इस तरह खेत में डाल देना शर्मनाक है। मौके पर मौजूद साइकिल मिस्त्री जग्गा विश्वास ने सबके सामने अपनी बहन के लिए नवजात कन्या को गोद लेने की इच्छा जताई। उनकी बहन की कोई संतान नहीं है।
जग्गा ने ग्रामीणों से कहा कि नवरात्र के दिनों में मिली यह बच्ची किसी देवी से कम नहीं है। वह इसे अपनी बहन को देवी माता के रूप में झोली में दान करना चाहते हैं।
गांव के लोगों की सहमति से जग्गा की बहन को नवजात कन्या सौंपने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जग्गा अपने घर ले गया। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ बताई गई है।
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नवरात्र के दौरान कन्या के इस तरह मिलने के बाद भीड़ उमड़ पड़ी। एक ग्रामीण ने इस बच्ची से अपनी विवाहित बहन की गोद का सूनापन खत्म करने की इच्छा जताई, जिस पर गांव के सभी लोगों ने सहमति दे दी।
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जोशी कॉलोनी में सुखरंजन के जोते गए खाली खेत में यह बच्ची मिली। सुखरंजन सुबह करीब आठ बजे जब खेत पर पहुंचे तो बच्चे के रोने की आवाज सुनी। पास जाकर देखा तो वह आवाज लाल रंग की तौलिया में लिपटी नवजात कन्या की पाई। उसकी नाल भी नहीं कटी थी।
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माना जा रहा है कि सुबह धूप की शुरुआत होने पर बच्ची ने रोना शुरू किया। खेत में बच्ची के मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों का कहना है कि नवरात्र के पावन दिनों में कन्या को इस तरह खेत में डाल देना शर्मनाक है। मौके पर मौजूद साइकिल मिस्त्री जग्गा विश्वास ने सबके सामने अपनी बहन के लिए नवजात कन्या को गोद लेने की इच्छा जताई। उनकी बहन की कोई संतान नहीं है।
जग्गा ने ग्रामीणों से कहा कि नवरात्र के दिनों में मिली यह बच्ची किसी देवी से कम नहीं है। वह इसे अपनी बहन को देवी माता के रूप में झोली में दान करना चाहते हैं।
गांव के लोगों की सहमति से जग्गा की बहन को नवजात कन्या सौंपने का निर्णय लिया गया। इसके बाद जग्गा अपने घर ले गया। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ बताई गई है।