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नया साल आने को, नहीं पहुंचे विदेशी पर्यटक

Wed, 30 Dec 2015 11:11 PM IST
Madotanda
Madotanda Updated Wed, 30 Dec 2015 11:11 PM IST
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New Year coming , not Foreign tourists arrived

काफी प्रयास के बाद भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व विदेशी पर्यटकों को लुभा नहीं पा रहा है। यही वजह है कि इस पर्यटन सत्र की शुरुआत से लेकर नए वर्ष के आगमन को एक दिन शेष रह जाने के बाद भी यहां किसी विदेशी पर्यटक की आमदगी नहीं हो सकी है। यह बात दीगर है कि क्षेत्रीय सैलानियों की आमद जरूर कुछ बढ़ी है। जिसके चलते वन महकमे को 15 नवंबर से अब तक करीब तीन लाख का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

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जनपद के खूबसूरत जंगलों को जून 2014 में टाइगर रिजर्व को दर्जा मिला। इसी के साथ देशी-विदेशी पर्यटकों को लुभाने के लिए वन महकमे ने यहां प्रयास शुरू कर दिए थे। पिछले पर्यटन सत्र में तो पर्यटकों की संख्या कुछ खास नहीं रही। यही वजह रही कि इसके बाद वन महकमा टाइगर रिजर्व स्थित चूका बीच, सप्त सरोवर समेत कई स्थानों को पर्यटकों को लुभाने लायक बनाने में जुटा रहा। जिसके चलते चालू सत्र में दिल्ली, मुंबई व प्रदेश के अन्य जिलों के पर्यटकों के अलावा कई वीवीआईपी लोगों यहां पहुंचे, लेकिन चालू सत्र में विदेशी पर्यटक यहां नहीं पहुंच सके हैं। गत वर्ष यहां विदेशी सैलानियों का एक दल जरूर पहुंचा था लेकिन वह भी चूका बीच के मुख्य इंट्री गेट नंबर चार तक पहुंचने के बाद वापस लौट गया था।
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जरूरत है पर्यटकों को आर्कषित करने वाले टूरिज्म की
टाइगर रिजर्व में वैसे तो ब्रिटिश काल में बने गेस्टहाउस व चूका बीच के खूबसूरत हट आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आर्कषित करते हैं। यहां आसपास जनपदों के पहुंचने वाले पर्यटकों में अधिकांश यहां सुविधाएं न होने की बात कहते आ रहे हैं, लेकिन दिल्ली, नोयडा व मुंबई आदि महानगरों से आने वाले पर्यटकों की राय इनसे जुदा है। उनका मानना था कि महानगरों में भागम भाग के चलते शांति मिलना मुश्किल है, यहां के हटों में दो दिन रहने से ही बड़ा सुकून मिलता है।
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गाइड तो हैं, पर बेहतर इंतजाम नहीं
टाइगर रिजर्व में महिला व पुरुष गाइड तैनात किए गए हैं, लेकिन पर्यटकों को घुमाने के लिए संसाधनों की भारी कमी है। वहीं दूसरे अन्य जंगलों के मुकाबले यहां टाइगर व अन्य वन्य जीव आसानी से देखने को नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में टाइगर देखने की चाह में पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यह ख्वाब ही बनकर रह जाता है।

यह सही है कि यहां विदेशी पर्यटकों की आमद नहीं हुई है, लेकिन उनके लिए अच्छा माहौल व संसाधन जुटाने के टाइगर रिजर्व व जिला प्रशासन प्रयासरत है।
केपी सिंह, वनक्षेत्राधिकारी महोफ

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