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Pilibhit News: अगड़े न पिछड़े... रसूख आजमा रहे पार्टी के दो धड़े

Mon, 17 Mar 2025 11:57 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Mon, 17 Mar 2025 11:57 PM IST
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Neither the forward nor the backward...two factions of the party are trying to exert their influence
पीलीभीत। आपसी खींचतान में उलझी भाजपा जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा अब तक नहीं कर सकी है। नाम की घोषणा में हो रही देरी के चलते पार्टी में अंदरखाने चल रही खींचतान बाहर आने लगी है। पार्टी के कई नेता ही कह रहे हैं कि बाहर से भले ही सब ठीक होने का दावा किया जा रहा है मगर, अंदरखाने खींचतान मची है। दो धड़े चुनाव के बहाने रसूख आजमा रहे हैं। हालांकि, पार्टी के जिम्मेदार जातीय समीकरण फिट न बैठने के चलते नाम की घोषणा में देरी होने की बात कह रहे हैं।
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मौजूदा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह अपने दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। आठ जनवरी को भाजपा जिलाध्यक्ष पद के लिए नामांकन भी कराया गया था। इसमें 28 पदाधिकारियों ने दावेदारी की। नाम भी आलाकमान को भेज दिए गए, लेकिन तय समय पर जिलाध्यक्ष का नाम घोषित नहीं हो सका।
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जिलाध्यक्ष की ताजपोशी अटकने से चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आपसी खींचतान पर बातें अधिक हो रहीं हैं। जनप्रतिनिधियों के आपसी सामंजस्य पर भी सवाल उठने लगे हैं। चर्चा है कि जनप्रतिनिधियों की आपसी सहमति न बन पाना ही जिलाध्यक्ष की ताजपोशी अटकने का बड़ा कारण है।
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जिले में केंद्र व राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले दो मंत्री हैं। विधायक, ब्लॉक प्रमुख और अन्य प्रमुख पदों पर भी भाजपा के लोग ही आसीन है। नाम की घोषणा में हो रही लेटलतीफी कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित कर रही है।


चर्चा में कई नाम
जिले में एक खेमा सामान्य वर्ग की दावेदारी अधिक मजबूत मान रहा है वहीं, दूसरा जातीय समीकरण का हवाला देकर पिछड़ा वर्ग पर अधिक जोर दे रहा है। कई नाम भी चर्चा में है। इनमें अलंकार शर्मा, गोकुल प्रसाद मौर्य, धीरेंद्र मिश्रा के नाम की चर्चा है। लेखराज भारती का नाम भी दौड़ में शामिल बताया जाता है। पूर्व में जिले के कई जनप्रतिनिधियों की आपसी रार भी खुलकर सामने आ चुकी है। चर्चा है इसके बाद से दूरियां और ज्यादा बढ़ गई है।

...एक को मनाओ तो दूजा रूठ जाता है
भाजपा संगठन में स्थिति यह है कि एक को मनाया जाता है तो दूसरा नाराज हो जा रहा है। पिछले करीब छह माह में जिले के कई जनप्रतिनिधि आमने-सामने आ चुके हैं। किसी की ब्लॉक प्रमुख तो किसी की नगर निकाय के जनप्रतिनिधि से नहीं बन रही। आपसी मतभेद खुले मंच पर उभर चुके हैं। शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। सभी को एक पाले में लाना संगठन के लिए भी मुश्किल हो रहा है।

वर्जन :
जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जैसे ही पार्टी की ओर से घोषणा की जाएगी, सूचित किया जाएगा। - गोपाल अंजान, जिला चुनाव अधिकारी, भाजपा
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