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Pilibhit News: कार्यों के प्रति लापरवाही और गलत बयानी पड़ी डीएफओ को भारी
Sun, 11 Feb 2024 01:42 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 11 Feb 2024 01:42 AM IST
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कलीनगर। हरियाली के प्रति अहम जिम्मेदारी निभाने वाले सामाजिक वानिकी प्रभाग का पिछले कुछ माह से जिले में नेतृत्व ठीक नहीं था। डीएफओ के तौर पर चार्ज लेने के बाद आरके सिंह अपनी विवादित कार्यशैली से चंद दिनों में ही सुर्खियों में आ गए। तत्कालीन डीएम की फटकार भी झेली। राज्यमंत्री संजय गंगवार भी उनकी कार्यशैली से नाराज थे। लिहाजा दो माह में ही उन्हें यहां से हटना पड़ा। अब वह लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिए गए हैं।
दो माह पहले डीएफओ संजीव कुमार का तबादला होने के बाद आरके सिंह को पीलीभीत का डीएफओ बनाया गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि उनके अनुभव का पीलीभीत में हरियाली के विस्तार में लाभ मिलेगा, लेकिन पहले ही दिन कलीनगर के भैरों खुर्द गांव में बाघ की मौजूदगी वाले स्थान पर पहुंचकर डीएफओ को गलत बयानबाजी करना भारी पड़ गया। ग्रामीणों ने घेराव कर लिया।
इसके बाद शहर में अवैध कटान का मामला उजागर हुआ। इसमें पूर्व डीएफओ की संलिप्तता मिली। जांच के बाद डीएम ने कार्रवाई के लिए संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। उस मामले में डीएफओ आरके सिंह को भी गलत रवैये के चलते डीएम की फटकार झेलनी पड़ी थी। अन्य कई मामलों में भी डीएफओ की राज्यमंत्री को भी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। माना जा रहा है कि राज्यमंत्री ने मामले को संबंधित मंत्री के समक्ष रखा। इसके बाद शासन ने वन राज्यमंत्री के निर्देश पर डीएफओ आरके सिंह को प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय लखनऊ से संबद्ध किया है। उनके स्थान पर बरेली वन प्रभाग के डीएफओ समीर कुमार को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
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दो माह पहले डीएफओ संजीव कुमार का तबादला होने के बाद आरके सिंह को पीलीभीत का डीएफओ बनाया गया था। उम्मीद जताई जा रही थी कि उनके अनुभव का पीलीभीत में हरियाली के विस्तार में लाभ मिलेगा, लेकिन पहले ही दिन कलीनगर के भैरों खुर्द गांव में बाघ की मौजूदगी वाले स्थान पर पहुंचकर डीएफओ को गलत बयानबाजी करना भारी पड़ गया। ग्रामीणों ने घेराव कर लिया।
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इसके बाद शहर में अवैध कटान का मामला उजागर हुआ। इसमें पूर्व डीएफओ की संलिप्तता मिली। जांच के बाद डीएम ने कार्रवाई के लिए संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी। उस मामले में डीएफओ आरके सिंह को भी गलत रवैये के चलते डीएम की फटकार झेलनी पड़ी थी। अन्य कई मामलों में भी डीएफओ की राज्यमंत्री को भी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। माना जा रहा है कि राज्यमंत्री ने मामले को संबंधित मंत्री के समक्ष रखा। इसके बाद शासन ने वन राज्यमंत्री के निर्देश पर डीएफओ आरके सिंह को प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय लखनऊ से संबद्ध किया है। उनके स्थान पर बरेली वन प्रभाग के डीएफओ समीर कुमार को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
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