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नवरात्र आज से, देवी मंदिरों में सजावट
पीलीभीत, ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2016 12:00 AM IST
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शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहे हैं। देवी भक्त शुक्रवार को पूरे दिन तैयारियों में जुटे रहे। देवी मंदिरों में सजावट कर उन्हें भव्य रूप दिया गया। पहले दिन आदि शक्ति के शैलपुत्री स्वरूप की आराधना की जाएगी।
शारदीय नवरात्र पर देवी भक्त घरों में मां दुर्गा की आराधना के साथ कलश की स्थापना कर उपवास रखते हैं। पर्व से एक दिन पूर्व शुक्रवार को देवी भक्तों ने कलश स्थापना और पूजा पाठ की तैयारियां पूरी कीं। शहर के देवी मंदिरों में भी नवरात्र पर्व को लेकर रंगाई-पुताई करने के साथ रंग बिरंगी लाइटें लगाकर उन्हें भव्य रूप दिया गया।
शहर के मां यशवंतरी देवी मंदिर को सिद्धपीठ माना जाता है। यहां जिले के अलावा दूसरे जनपदों से भी देवी भक्त पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस सिद्धपीठ में कोई प्रतिमा नहीं है। मंदिर परिसर के भीतर देवी मां की पिंडी है। नवरात्र पर यहां मुंडन संस्कार समेत तमाम धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। निरंजनकुंज कॉलोनी स्थित महामातेश्वरी मंदिर को माता वैष्णवी की प्रतिमूर्ति के रूप में देवी भक्त पूजते हैं। इसके अलावा गोदावरी स्थित मां दुर्गा मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में शुक्रवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इन मंदिरों में पूजा-अर्चना को देवी भक्त बड़ी तादाद में पहुंचते हैं।
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बाजारों में भी रही रौनक
नवरात्र को लेकर शुक्रवार को बाजारों में भी रौनक रही। देवी भक्त पूजन सामग्री, फलाहार आदि की खरीदारी करने में जुटे रहे। इसे लेकर देर शाम तक बाजारों में काफी भीड़ रही।
सुख समृद्धि लेकर आती हैं मां दुर्गा
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक नवरात्र पर मां दुर्गा स्थिर लक्ष्मी और सुख समृद्धि लेकर आती हैं। पंडित भूपेंद्र जोशी ने बताया कि कलश स्थापना का शुभमुहुर्त शनिवार प्रात: 5.00 बजे से 9.30 बजे तक है। इस बार दस दिन का देवी व्रत होगा। पंचांगों के मुताबिक दो दिन प्रतिपदा होने के कारण अष्टमी नौ अक्तूबर और नवमी 10 अक्तूबर को होगी।
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शारदीय नवरात्र पर देवी भक्त घरों में मां दुर्गा की आराधना के साथ कलश की स्थापना कर उपवास रखते हैं। पर्व से एक दिन पूर्व शुक्रवार को देवी भक्तों ने कलश स्थापना और पूजा पाठ की तैयारियां पूरी कीं। शहर के देवी मंदिरों में भी नवरात्र पर्व को लेकर रंगाई-पुताई करने के साथ रंग बिरंगी लाइटें लगाकर उन्हें भव्य रूप दिया गया।
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शहर के मां यशवंतरी देवी मंदिर को सिद्धपीठ माना जाता है। यहां जिले के अलावा दूसरे जनपदों से भी देवी भक्त पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस सिद्धपीठ में कोई प्रतिमा नहीं है। मंदिर परिसर के भीतर देवी मां की पिंडी है। नवरात्र पर यहां मुंडन संस्कार समेत तमाम धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। निरंजनकुंज कॉलोनी स्थित महामातेश्वरी मंदिर को माता वैष्णवी की प्रतिमूर्ति के रूप में देवी भक्त पूजते हैं। इसके अलावा गोदावरी स्थित मां दुर्गा मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों में शुक्रवार को तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इन मंदिरों में पूजा-अर्चना को देवी भक्त बड़ी तादाद में पहुंचते हैं।
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बाजारों में भी रही रौनक
नवरात्र को लेकर शुक्रवार को बाजारों में भी रौनक रही। देवी भक्त पूजन सामग्री, फलाहार आदि की खरीदारी करने में जुटे रहे। इसे लेकर देर शाम तक बाजारों में काफी भीड़ रही।
सुख समृद्धि लेकर आती हैं मां दुर्गा
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक नवरात्र पर मां दुर्गा स्थिर लक्ष्मी और सुख समृद्धि लेकर आती हैं। पंडित भूपेंद्र जोशी ने बताया कि कलश स्थापना का शुभमुहुर्त शनिवार प्रात: 5.00 बजे से 9.30 बजे तक है। इस बार दस दिन का देवी व्रत होगा। पंचांगों के मुताबिक दो दिन प्रतिपदा होने के कारण अष्टमी नौ अक्तूबर और नवमी 10 अक्तूबर को होगी।