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जमीन की पैमाइश के दौरान नायब तहसीलदार और जेई में हाथापाई
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पीलीभीत। भाजपा नेता की शिकायत पर प्रशासन ने एक कॉलोनी में जमीन की पैमाइश कराई। इस दौरान एक नायब तहसीलदार और जेई के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दोनों के बीच हाथापाई और मारपीट हो गई। दोनों पक्ष पहले एक दूसरे पर कार्रवाई कराने की बात करते रहे, मगर मामला आला अफसरों तक पहुंचने के बाद उसे दबा दिया गया।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित वाल्मीकि ने छह अगस्त को तत्कालीन डीएम वैभव श्रीवास्तव से शहर की एक कॉलोनी अवैध तरीके से निर्मित होने शिकायत की थी। उनका आरोप था कि नकटादाना चौराहा के पास एक कॉलोनी अवैध तरीके से बनाई जा रही है। निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र की अनुमति नहीं ली गई, न ही कॉलोनी का नक्शा पास कराया गया। साथ ही नजूल की 20 बीघा जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया था। इस मामले की जांच अभी चल रही है। कई दिनों से टीमें मौके पर जाकर जमीन की पैमाइश कर रही हैं।
शनिवार सुबह भी एक नायब तहसीलदार राजस्व टीम के साथ पैमाइश करने कॉलोनी पहुंचे। कुछ देर बाद विनियमित क्षेत्र दफ्तर के एक जेई भी वहां पहुंच गए। चंद मिनट बाद ही तहसील अफसर और जेई के बीच देर से आने को लेकर कहासुनी होने लगी। बताते हैं कि दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उनमें कॉलोनी परिसर में ही हाथापाई शुरू हो गई। दोनों ने एक दूसरे को खूब धुना। मामला इस हद तक पहुंच गया कि दोनों ने एक दूसरे पर कार्रवाई कराने के लिए रिपोर्ट लिखवाने का भी मन बना लिया। मगर, इसी बीच विवाद की भनक अधिकारियों तक पहुंची तो दोनों को तत्काल तलब कर लिया गया। वहां दोनों के बीच मामला रफा-दफा कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी झगड़े और मारपीट की बात से इनकार करने लगे। हालांकि भाजपा नेता के अलावा कॉलोनी परिसर में मौजूद अन्य कुछ लोगों ने भी दोनों के बीच मारपीट की बात की पुष्टि की। यह भी बताया कि जेई को इसमें मामूली चोट भी आई थी।
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पूर्व में हुई एक शिकायत पर राजस्व टीम पैमाइश कर रही है। दोनों के बीच मारपीट या विवाद नहीं हुआ है। अगर ऐसा कुछ होता तो उन्हें जरूर बताया जाता। अगर कोई मारपीट की बात कह रहा है, तो यह गलत है। -अविनाश चंद्र मौर्य, एसडीएम सदर
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भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित वाल्मीकि ने छह अगस्त को तत्कालीन डीएम वैभव श्रीवास्तव से शहर की एक कॉलोनी अवैध तरीके से निर्मित होने शिकायत की थी। उनका आरोप था कि नकटादाना चौराहा के पास एक कॉलोनी अवैध तरीके से बनाई जा रही है। निर्माण के लिए विनियमित क्षेत्र की अनुमति नहीं ली गई, न ही कॉलोनी का नक्शा पास कराया गया। साथ ही नजूल की 20 बीघा जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया था। इस मामले की जांच अभी चल रही है। कई दिनों से टीमें मौके पर जाकर जमीन की पैमाइश कर रही हैं।
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शनिवार सुबह भी एक नायब तहसीलदार राजस्व टीम के साथ पैमाइश करने कॉलोनी पहुंचे। कुछ देर बाद विनियमित क्षेत्र दफ्तर के एक जेई भी वहां पहुंच गए। चंद मिनट बाद ही तहसील अफसर और जेई के बीच देर से आने को लेकर कहासुनी होने लगी। बताते हैं कि दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उनमें कॉलोनी परिसर में ही हाथापाई शुरू हो गई। दोनों ने एक दूसरे को खूब धुना। मामला इस हद तक पहुंच गया कि दोनों ने एक दूसरे पर कार्रवाई कराने के लिए रिपोर्ट लिखवाने का भी मन बना लिया। मगर, इसी बीच विवाद की भनक अधिकारियों तक पहुंची तो दोनों को तत्काल तलब कर लिया गया। वहां दोनों के बीच मामला रफा-दफा कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी झगड़े और मारपीट की बात से इनकार करने लगे। हालांकि भाजपा नेता के अलावा कॉलोनी परिसर में मौजूद अन्य कुछ लोगों ने भी दोनों के बीच मारपीट की बात की पुष्टि की। यह भी बताया कि जेई को इसमें मामूली चोट भी आई थी।
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पूर्व में हुई एक शिकायत पर राजस्व टीम पैमाइश कर रही है। दोनों के बीच मारपीट या विवाद नहीं हुआ है। अगर ऐसा कुछ होता तो उन्हें जरूर बताया जाता। अगर कोई मारपीट की बात कह रहा है, तो यह गलत है। -अविनाश चंद्र मौर्य, एसडीएम सदर