फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Most people want to make agricultural land residential

महायोजना 2031: कृषि भूमि को आवासीय कराना चाहते हैं ज्यादातर लोग

Wed, 17 Aug 2022 12:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 17 Aug 2022 12:27 AM IST
विज्ञापन
Most people want to make agricultural land residential
पीलीभीत। पीलीभीत महायोजना-2031 में शामिल किए गए क्षेत्र के ज्यादातर लोग अपनी कृषि भूमि को आवासीय कराना चाहते हैं। ज्यादातर आपत्तियां इसी से जुड़ी आ रही हैं। मंगलवार तक पंद्रह लोग इस तरह ही आपत्तियां दर्ज करा चुके हैं। उम्मीद है कि अंतिम तिथि तक की इनकी संख्या कई गुना तक बढ़ सकती है।
विज्ञापन

महायोजना-2031 में 197 हेक्टेयर भूमि उद्योगों के लिए प्रस्तावित की है। इसके लिए जोन एक और दो बनाए गए हैं। शहर के साथ आसपास के 41 गांव विनियमित क्षेत्र की सीमा में आते हैं। वर्ष 2011 में विनियमित क्षेत्र की कुल आबादी 2,02,326 थी, जो 2031 में बढ़कर दो लाख 62 हजार होने का अनुमान है। साल 2011 की महायोजना में 120 हेक्टेयर भूमि उद्योग के लिए प्रस्तावित थी जिसमें 58.8 हेक्टेयर पर उद्योग लगे। इस माह के आखिर तक लोग आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। आपत्तियों का आना शुरू हो गया है। अब तक पंद्रह आपत्तियां आ चुकी हैं। इसमें ज्यादातर लोगों ने अपनी कृषि भूमि को आवासीय कराने की बात रखी है। हालांकि अंतिम तिथि के बाद आपत्तियां की सुनवाई डीएम करेंगे। उसके बाद फाइनल ड्राफ्ट जारी किया जाएगा। पिछली महायोजना में करीब साढ़े तीन सौ आपत्तियां मिली थीं। अभी तक आपत्तियां कम हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अंतिम तिथि तक इनकी संख्या चार सौ से ऊपर पहुंच सकती है।
विज्ञापन

प्रस्तावित महायोजना 2031 पर इस समय आपत्तियों के साथ सुझाव मांगे गए हैं। अभी तक पंद्रह आपत्तियां मिल चुकी हैं। ज्यादातर लैंड यूज से जुड़ी हैं। सारी आपत्तियां मिलने के बाद डीएम सुनवाई करेंगे और उनका निस्तारण किया जाएगा। - डॉ. राजेश कुमार, नियत प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन

जमीन पर बिल्डरों की नजर
जिन क्षेत्रों को महायोजना में शामिल किया गया है, वहां बिल्डरों की नजर है। हालांकि किसी बिल्डर की तरफ से अभी तक कोई सुझाव या आपत्ति नहीं गई है। सामान्य लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। विभागीय लोगों की मानें तो जिले में कोई पंजीकृत बिल्डर नहीं है, इसलिए उनकी तरफ से आपत्तियां आने की उम्मीद नहीं है। वह दूसरे लोगों के माध्यम से आपत्तियां दिलवा रहे हैं। हाईवे के आसपास की जमीन का लैंड यूज बदलता है तो वहां भविष्य में कॉलोनियां विकसित होने की संभावना बढ़ जाएगी। इसलिए बिल्डरों की इन क्षेत्र की जमीनों पर नजर है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed