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मेडिकल स्टोर रहे बंद, दवा को भटके मरीज
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Tue, 30 May 2017 10:15 PM IST
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डिस्ट्रिक केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की हड़ताल के चलते मंगलवार को जिले भर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। मेडिकल स्टोर बंद रहने से मंगलवार को मरीज और उनके तीमारदार दवा के लिए इधर-उधर भटकते देखे गए। हड़ताल के दौरान दवा कारोबारियों ने जुलूस निकाला और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर बुधवार को जिले के मेडिकल स्टोर बंद रहे। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के आसपास मेडिकल स्टोरों पर भी सुबह से ताला लटका दिखाई दिया। डिस्ट्रिक केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले के दवा व्यवसायी एमए मार्केट में एकत्र हुए और सभा की। सभा में कहा कि सरकार ने ई पोर्टल को खुदरा दवा व्यवसाय के लिए अनिवार्य कर दिया है। वहीं प्रतिष्ठानों पर फार्मासिस्ट की बाध्यता की गई है। प्रदेश में लगभग 75 हजार खुदरा दवा कारोबारी है। इनमें लगभग 50 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में है। इनकी आमदनी पांच सौ रुपये से अधिक नहीं है। इतनी कम आमदनी में एक मेडिकल स्टोर पर एक पंजीकृत फार्मासिस्ट रख पाना संभव नहीं है। ऑनलाइन दवा बिक्री की भी बात कही गई है। यह पूर्णतया अव्यवहारिक और जबरन थोपा जा रहा कानून है। इन नियमों से दवा कारोबार चौपट होने की संभावना है। सरकार को इस मामले में पुनर्विचार करना चाहिए। इसके बाद सभी दवा व्यवसायी बाइकों पर सवार होकर जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी की और प्रधानमंत्री, ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया, मुख्यमंत्री आदि को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपे। ज्ञापन में ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने, खुदरा दवा लाईसेंसों पर पंजीकृत फार्मासिस्ट संबंधी नियम को राज्य संशोधन के माध्यम से बदले जाने आदि की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में एसोसिएशन अध्यक्ष राघवेंद्र नाथ मिश्र, सचिव मनोज जायसवाल, जोनल अध्यक्ष शिवहरि अग्रवाल, आलोक बंसल, सचिन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, पुरुषोत्तम गिरी, विनोद तिवारी, विक्की भल्ला, अमरजीत सिंह, रूपेश भारद्वाज, चित्रांश सक्सेना, सुनित गुप्ता, विकास गुप्ता, केएल गुप्ता, पीयूष अग्रवाल, अंशुल अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, अशोक गंगवार, अलाउ्द्दीन, एनुउद्दीन खां समेत जिले के कई दवा व्यवसायी शामिल रहे।
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