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Pilibhit News: देवीपुरा गोआश्रय स्थल में मिलीं कई कमियां, प्रधान और सचिव दोषी
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देवीपुरा गोआश्रय स्थल पर निरीक्षण करते अधिकारी । स्रोत - सीडीओ
पीलीभीत। मरौरी ब्लॉक के गांव देवीपुरा स्थित गोआश्रय स्थल में जांच के दौरान कई कमियां सामने आईं हैं। सामने आया कि प्रधान और सचिव की लापरवाही के कारण ऐसा हुआ। सीडीओ ने कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने तीन दिन पहले गोआश्रय स्थल पर जाकर वहां की व्यवस्थाओं को देखा था। मौके पर रजिस्टर में 926 पशु दर्ज थे, जबकि वहां काफी कम पशु दिखाई दे रहे थे। इस दौरान आठ से 10 पशुओं के शव भी मिले, जो गड्ढे में पड़े थे, लेकिन उनके ऊपर मिट्टी नहीं डाली गई थी।
मामले ने तूल पकड़ा तो सीडीओ ने जांच के लिए बीडीओ सहित तीन लोगों की टीम बनाई। टीम ने सोमवार की शाम को वहां जाकर जांच की तो पशुओं की गणना सही नहीं मिली। इसपर मंगलवार को फिर मरौरी बीडीओ मृदुला ने टीम के साथ जांच की और पशुओं को गिना। रजिस्टर में जहां 916 पशु दर्ज थे वहीं मौके पर 911 पशु थे।
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इसके साथ ही मृत पशुओं के शव गड्ढे में पड़े थे और उनपर मिट्टी नहीं डाली गई थी। टीम ने अन्य कई बिंदुओं पर जांच के दौरान पाया कि प्रधान और सचिव नियमित रूप से यहां का भ्रमण नहीं करते। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ को दे दी।
......
चार दिन में मर गए 12 पशु
टीम ने जब गोआश्रय स्थल पर पहुंचकर जांच की तो बताया गया कि आठ जून को दो, नौ को चार, दस को तीन और 11 जून को तीन पशुओं की मौत हुई है। डिप्टी सीवीओ से पोस्टमार्टम भी किया गया। सामने आया कि बावजूद इसके मृत पशुओं के शवों को सम्मानपूर्वक दफन नहीं किया गया।
.......
डीएम ने सीडीओ से ली फोन पर जानकारीदेवीपुरा गोआश्रय स्थल पर पशुओं की कम संख्या और मृत पशुओं के शवों को ऐसे ही गड्ढे में डाल देने का मामला डीएम ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसको लेकर सीडीओ से फोन पर जानकारी ली। इसके साथ ही पूरी रिपोर्ट तलब की। डीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद जिसके स्तर से लापरवाही बरती गई है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
.......
जांच रिपोर्ट मिली है। इसमें सचिव और प्रधान को नोटिस जारी किया जा रहा है। पूर्व में भी प्रधान को नोटिस जारी किया गया था। रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति कर पत्रावली जिलाधिकारी को भेजी गई है।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ
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हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने तीन दिन पहले गोआश्रय स्थल पर जाकर वहां की व्यवस्थाओं को देखा था। मौके पर रजिस्टर में 926 पशु दर्ज थे, जबकि वहां काफी कम पशु दिखाई दे रहे थे। इस दौरान आठ से 10 पशुओं के शव भी मिले, जो गड्ढे में पड़े थे, लेकिन उनके ऊपर मिट्टी नहीं डाली गई थी।
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मामले ने तूल पकड़ा तो सीडीओ ने जांच के लिए बीडीओ सहित तीन लोगों की टीम बनाई। टीम ने सोमवार की शाम को वहां जाकर जांच की तो पशुओं की गणना सही नहीं मिली। इसपर मंगलवार को फिर मरौरी बीडीओ मृदुला ने टीम के साथ जांच की और पशुओं को गिना। रजिस्टर में जहां 916 पशु दर्ज थे वहीं मौके पर 911 पशु थे।
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इसके साथ ही मृत पशुओं के शव गड्ढे में पड़े थे और उनपर मिट्टी नहीं डाली गई थी। टीम ने अन्य कई बिंदुओं पर जांच के दौरान पाया कि प्रधान और सचिव नियमित रूप से यहां का भ्रमण नहीं करते। टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ को दे दी।
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चार दिन में मर गए 12 पशु
टीम ने जब गोआश्रय स्थल पर पहुंचकर जांच की तो बताया गया कि आठ जून को दो, नौ को चार, दस को तीन और 11 जून को तीन पशुओं की मौत हुई है। डिप्टी सीवीओ से पोस्टमार्टम भी किया गया। सामने आया कि बावजूद इसके मृत पशुओं के शवों को सम्मानपूर्वक दफन नहीं किया गया।
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डीएम ने सीडीओ से ली फोन पर जानकारीदेवीपुरा गोआश्रय स्थल पर पशुओं की कम संख्या और मृत पशुओं के शवों को ऐसे ही गड्ढे में डाल देने का मामला डीएम ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसको लेकर सीडीओ से फोन पर जानकारी ली। इसके साथ ही पूरी रिपोर्ट तलब की। डीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद जिसके स्तर से लापरवाही बरती गई है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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जांच रिपोर्ट मिली है। इसमें सचिव और प्रधान को नोटिस जारी किया जा रहा है। पूर्व में भी प्रधान को नोटिस जारी किया गया था। रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति कर पत्रावली जिलाधिकारी को भेजी गई है।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ