Pilibhit News: हिरासत में लिए गए युवक का शव सड़क किनारे पड़ा मिला, परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप
पीलीभीत में सईद नाम के युवक का शव भाजपा कार्यालय के सामने पड़ा मिला। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था, जबकि पुलिस ने इनकार किया है।
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पीलीभीत के अमरिया क्षेत्र के गांव उदयपुर निवासी सईद का शव असम हाईवे पर भाजपा कार्यालय के सामने पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची सुनगढ़ी पुलिस ने शव की शिनाख्त कराकर परिजनों को मामले की जानकारी दी। घरवालों का कहना है कि सईद को 28 अगस्त को अमरिया थाना पुलिस ने किसी मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। हालांकि पुलिस इससे इनकार कर रही है।
अमरिया क्षेत्र के गांव उदयपुर निवासी हामिद ने बताया कि उनके बेटे सईद की संगत अच्छी नहीं थी। लिहाजा 20 वर्ष पूर्व उन्होंने उसे अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद से वह इधर-उधर रिश्तेदारों के यहां रहता था। सईद काफी लंबे समय तक ठगी के मामले में जेल में भी रहा। कुछ महीने पहले ही वह जेल से छूटकर आया था।
मां बोली- 28 अगस्त को पुलिस ने सईद को पकड़ा
मां छोटी बेगम का कहना है कि अमरिया थाना पुलिस किसी मामले में सईद तलाश कर रही थी। उसके न मिलने पर पुलिस ने उत्तराखंड में रहने वाले सईद के दो बहनोई और गांव के एक युवक को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद 28 अगस्त को पुलिस ने सईद को भी पकड़ लिया था।
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इसके बाद से उसके बारे में कोई खबर नहीं मिली थी। बृहस्पतिवार सुबह गांव के प्रधान के पास पुलिस ने फोन कर जानकारी दी कि भाजपा कार्यालय के पास एक युवक की लाश मिली है। परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की सईद के रूप में शिनाख्त की। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
लोगों को फंसाकर वसूलता था रुपये
परिजनों ने बताया कि वह लोगों को अपने झांसे में लेकर आए दिन ठगी करता था। उसने कई अफसरों के साथ भी ठगी की थी। इसके चलते परिजनों ने उससे संबंध खत्म कर लिए थे।
मां ने रुपये लेकर दामादों को छोड़ने का लगाया आरोप
मां छोटी बेगम ने बताया कि अमरिया पुलिस ने सईद के न मिलने पर उनके दामादों को हिरासत में ले लिया था। जब सईद मिल गया तो पुलिस ने उनसे 20 हजार रुपये लिए तब दामादों को छोड़ा। उनका कहना है कि सईद को पुलिस ने पूछताछ के लिए रोक लिया था।
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उसके बाद से सईद के बारे में परिवार को कोई सूचना नहीं मिली थी। पुलिस ने सईद को कब छोड़ा, क्या पुलिस हिरासत में ही सईद की मौत हुई, उसकी लाश असम हाईवे पर किसने फेंकी, आदि सवालों का उनके पास कोई जवाब नहीं है। पुलिस उसे हिरासत में लेने से ही इनकार कर रही है।
पुलिस ने परिवार से मिलकर कर लिया समझौता
घरवालों का कहना है कि सईद को अमरिया पुलिस ने पकड़ा था। पहले उसे अमरिया थाने में रखा गया। इसके बाद उसे सुनगढ़ी थाने में रखा गया। सईद की मौत होने के बाद पुलिस पूरे मामले को मैनेज करने में जुट गई है। परिजनों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे इस मामले में पुलिस को न घसीटें।
उन्हें मीडिया से भी नहीं मिलने दिया जा रहा है। सईद का शव मिलने के बाद से परिजन बेहद डरे हुए हैं। पुलिस देर शाम तक परिजनों को मामले में कोई कार्रवाई न करने के लिए राजी करने में जुटी रही। कई घंटे की कोशिश के बाद परिजनों और पुलिस के बीच समझौता हो गया। परिजनों ने शव भी ले लिया।
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सुनगढ़ी थाने के इंस्पेक्टर आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि बुधवार देर रात भाजपा कार्यालय के सामने एक युवक का शव मिला था। शव की शिनाख्त न हो पाने के कारण उसे मोर्चरी में रखवा दिया गया था। बृहस्पतिवार को शव की शिनाख्त कर ली गई। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया।