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Pilibhit News: पांचवीं के छात्र के अपहरण के मामले में दोषी को उम्रकैद
Thu, 16 Jan 2025 01:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Thu, 16 Jan 2025 01:07 AM IST
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पीलीभीत। 12 साल पूर्व कक्षा पांचवी के छात्र के अपहरण के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने सजा के साथ ही 43 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
बरखेड़ा क्षेत्र के मुड़िया हुलास गांव निवासी वेदपाल गंगवार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका 12 वर्षीय पुत्र राजीव कुमार गांव पतरासा स्थित एक स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ रहा था। 18 जुलाई 2012 को स्कूल के शिक्षक अमित त्रिपाठी निवासी मोहल्ला खकरा पीलीभीत ने अपहरण कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
इधर, अपहृत किशोर के पिता से 2.10 लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। 26 जुलाई 2012 को विवेचक थानाध्यक्ष हरेंद्र पाल सिंह सिपाहियों के साथ गश्त कर रहे थे। इस बीच वेदपाल अपने साथी हेमराज के साथ मांगी गई रकम देने के लिए आरोपियों के बुलाए स्थान पर जा रहा। जानकारी होने पर पुलिस भी गोपनीय तौर पर साथ में गई।
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स्थान पर पहुंचने पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंंग कर दी। इस बीच पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया और अपहृत किशोर को बरामद कर पिता के सुपुर्द कर दिया। उनके पास से फिरौती की रकम के साथ तमंचा और चाकू भी बरामद किया। आरोपियों को थाना लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि उनमें से एक सूरजपाल निवासी हरिहरपुर थाना अमरिया और दूसरा डोरी लाल निवासी ग्राम नयाबांस थाना सुरीर जिला मथुरा का है।
खुलासा हुआ कि आरोपी अमित त्रिपाठी फर्जी नाम से नौकरी कर रहा था। उसका असली नाम सूरजपाल था। आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने सूरजपाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। इस मामले के दूसरे आरोपी की पत्रावली पूर्व में ही निस्तारित की जा चुकी है।
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बरखेड़ा क्षेत्र के मुड़िया हुलास गांव निवासी वेदपाल गंगवार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका 12 वर्षीय पुत्र राजीव कुमार गांव पतरासा स्थित एक स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ रहा था। 18 जुलाई 2012 को स्कूल के शिक्षक अमित त्रिपाठी निवासी मोहल्ला खकरा पीलीभीत ने अपहरण कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
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इधर, अपहृत किशोर के पिता से 2.10 लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। 26 जुलाई 2012 को विवेचक थानाध्यक्ष हरेंद्र पाल सिंह सिपाहियों के साथ गश्त कर रहे थे। इस बीच वेदपाल अपने साथी हेमराज के साथ मांगी गई रकम देने के लिए आरोपियों के बुलाए स्थान पर जा रहा। जानकारी होने पर पुलिस भी गोपनीय तौर पर साथ में गई।
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स्थान पर पहुंचने पर आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंंग कर दी। इस बीच पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया और अपहृत किशोर को बरामद कर पिता के सुपुर्द कर दिया। उनके पास से फिरौती की रकम के साथ तमंचा और चाकू भी बरामद किया। आरोपियों को थाना लाकर पूछताछ की गई तो पता चला कि उनमें से एक सूरजपाल निवासी हरिहरपुर थाना अमरिया और दूसरा डोरी लाल निवासी ग्राम नयाबांस थाना सुरीर जिला मथुरा का है।
खुलासा हुआ कि आरोपी अमित त्रिपाठी फर्जी नाम से नौकरी कर रहा था। उसका असली नाम सूरजपाल था। आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने सूरजपाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। इस मामले के दूसरे आरोपी की पत्रावली पूर्व में ही निस्तारित की जा चुकी है।