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तड़पते मरीज को जिला अस्पताल ले जाने में लग गए तीन दिन
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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण फैलने के बाद प्राइवेट से लेकर सरकारी डॉक्टर तक सामान्य बीमारियों का इलाज करने से कतरा रहे हैं। दो दिन पहले मरीज विशेवरनाथ को जब एंबुलेंस नहीं ले गई तो तीमारदार को अपना मरीज ठेले पर अस्पताल ले जाना पड़ा। अब तीन दिन से इलाज के लिए तड़प रहे एक बुजुर्ग को इलाज के लिए एंबुलेंस तब जिला अस्पताल लेकर गई, जब शिकायत प्रशासनिक अफसरों और कंट्रोल रूम में की गई।
एसपी आवास के पीछे बिलगवां रोड स्थित तिरुपति गोल्डन पार्क में चौकीदार दीपक के ससुर हरियाणा से 14 मार्च को उसके घर आए थे। दो मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन हो गया। इसके चलते वह यहां फंस गए। तीन दिन पहले अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उनके दामाद ने बताया कि उनके ससुर को खून की कमी थी और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। दामाद ने 108 एंबुलेंस को फोन किया तो एंबुलेंस कर्मी ने कोरोना किट न होने की बात कहते हुए उसे अस्पताल लाने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिला।
दूसरे दिन सूचना देने के बाद उसके घर पर स्क्रीनिंग करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई। मगर, उसे जिला अस्पताल नहीं लाया गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बुजुर्ग तीन दिन तक इलाज के लिए अपने घर तड़पता रहा। पीड़ित ने सीएमओ और कंट्रोल रूम को भी फोन किया। तब एंबुलेंस उसे आकर ले गई और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल, इस समय उसका जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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मामले की सूचना मिलने के बाद मरीज को एंबुलेंस से लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उसका उपचार कराया जा रहा है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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एसपी आवास के पीछे बिलगवां रोड स्थित तिरुपति गोल्डन पार्क में चौकीदार दीपक के ससुर हरियाणा से 14 मार्च को उसके घर आए थे। दो मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन हो गया। इसके चलते वह यहां फंस गए। तीन दिन पहले अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उनके दामाद ने बताया कि उनके ससुर को खून की कमी थी और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। दामाद ने 108 एंबुलेंस को फोन किया तो एंबुलेंस कर्मी ने कोरोना किट न होने की बात कहते हुए उसे अस्पताल लाने से मना कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं मिला।
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दूसरे दिन सूचना देने के बाद उसके घर पर स्क्रीनिंग करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई। मगर, उसे जिला अस्पताल नहीं लाया गया। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते बुजुर्ग तीन दिन तक इलाज के लिए अपने घर तड़पता रहा। पीड़ित ने सीएमओ और कंट्रोल रूम को भी फोन किया। तब एंबुलेंस उसे आकर ले गई और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल, इस समय उसका जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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मामले की सूचना मिलने के बाद मरीज को एंबुलेंस से लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उसका उपचार कराया जा रहा है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ