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शहर को स्मार्ट बनाने की कवायाद शुरू, बनेगा नया मास्टर प्लान
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पीलीभीत। शहर के विकास के लिए अब शासन से मास्टर प्लान बनना शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से कोलकाता की एक कंपनी को ठेका दिया गया है। कंपनी के लोगों ने जिले में पहुंचकर सर्वेे करना शुरू कर दिया है। सर्वे करने के साथ ही सेटेलाइट से शहर की पूरी भौगोलिक स्थिति का जायजा भी लिया जा रहा है। यह मास्टर प्लान वर्ष 2031 तक के लिए बनाया जा रहा है।
नगर एवं नियोजन विभाग ने अमृत योजना (अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अरबन ट्रांसफार्मेशन) के तहत जिले स्मार्ट करने की कवायद शुरू कर दी है। कोलकाता की कंसल्टेंट कंपनी की टीम में शामिल 20 कर्मियों ने शहर में सर्वे करना भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा हैदराबाद की एनआईसी से जिले का सेटलाइट सिस्टम के द्वारा भी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। टीम वार्डों का सर्वे करने के साथ ही सड़कों, नालों, आवासीय भूखंडों का मैप तैयार कर भविष्य के लिए खाका खींच रही है। उनके मुताबिक मास्टर प्लान मैप में शहर में सार्वजनिक भवन, पार्क, स्कूल और कमर्शियल एरिया की रूपरेखा तैयार की जाएगी। नगर एवं नियोजन विभाग के सहायक अभियंता निर्भाकार सिंघल ने बताया कि जिले में वर्ष 2011 का ही मास्टर प्लान चल रहा है। यह मास्टर प्लान भविष्य के 11 सालों के लिए तैयार किया जा रहा है। कंपनी ने 420 दिनों में मैप तैयार कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार की स्वीकृत करने के बाद जिले में लागू कर दिया जाएगा। मैप बनने के बाद शहर में कोई भी काम करने से पहले नगरपालिका से अनुमति लेनी होंगी। इस प्लानिंग से शहर को स्मार्ट बनने का प्रयास किया जा रहा है।
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नगर एवं नियोजन विभाग ने अमृत योजना (अटल मिशन फॉर रेजुवनेशन एंड अरबन ट्रांसफार्मेशन) के तहत जिले स्मार्ट करने की कवायद शुरू कर दी है। कोलकाता की कंसल्टेंट कंपनी की टीम में शामिल 20 कर्मियों ने शहर में सर्वे करना भी शुरू कर दिया है। इसके अलावा हैदराबाद की एनआईसी से जिले का सेटलाइट सिस्टम के द्वारा भी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। टीम वार्डों का सर्वे करने के साथ ही सड़कों, नालों, आवासीय भूखंडों का मैप तैयार कर भविष्य के लिए खाका खींच रही है। उनके मुताबिक मास्टर प्लान मैप में शहर में सार्वजनिक भवन, पार्क, स्कूल और कमर्शियल एरिया की रूपरेखा तैयार की जाएगी। नगर एवं नियोजन विभाग के सहायक अभियंता निर्भाकार सिंघल ने बताया कि जिले में वर्ष 2011 का ही मास्टर प्लान चल रहा है। यह मास्टर प्लान भविष्य के 11 सालों के लिए तैयार किया जा रहा है। कंपनी ने 420 दिनों में मैप तैयार कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार की स्वीकृत करने के बाद जिले में लागू कर दिया जाएगा। मैप बनने के बाद शहर में कोई भी काम करने से पहले नगरपालिका से अनुमति लेनी होंगी। इस प्लानिंग से शहर को स्मार्ट बनने का प्रयास किया जा रहा है।
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