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सिंचाई विभाग की कोठी पर कप्तान का कब्जा

Wed, 17 Feb 2016 11:33 PM IST
समीउद्दीन नीलू, पीलीभीत
समीउद्दीन नीलू, पीलीभीत Updated Wed, 17 Feb 2016 11:33 PM IST
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Irrigation Department's mansion Possession of the captain
टनकपुर रोड स्थित जिस आलीशान बंगले में एसपी रहते हैं, वह पुलिस विभाग का नहीं है। करीब 70 के दशक से कथित अवैध रूप से यहां तैनात होते रहे पुलिस कप्तान का कब्जा चला आ रहा है। खास बात यह है कि सिंचाई विभाग को न तो इस बंगले का किराया ही महकमा देता है और न ही बंगले की दस एकड़ भूमि में उगने वाली फसल का हिसाब-किताब। सूत्र बताते हैं कि एक-दो बार सिंचाई महकमे ने इसके लिए कुछ लिखा-पढ़ी भी की, लेकिन मामला पुलिस विभाग के जिले के आला अधिकारी से जुड़ा होने के कारण ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता रहा। हाल ही में बीसलपुर से भाजपा विधायक रामसरन वर्मा द्वारा इस मामले को विधानसभा में उठाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
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सिंचाई विभाग की यह कोठी 1925 की बनी हुई है। बताया जाता है कि करीब 70 के दशक में इस कोठी में सिंचाई विभाग के एक अधिकारी रहा करते थे। उसी दौरान एक एसपी यहां आए जो संबंधित अधिकारी के रिश्तेदार थे। लिहाजा एसपी उन्हीं के साथ इस कोठी में रहने लगे। बाद में सिंचाई विभाग के अधिकारी का स्थानांतरण हो गया, लेकिन तत्कालीन एसपी उसी में रहते रहे। इसके बाद सिंचाई विभाग की यह कोठी एसपी बंगले के रूप में तब्दील हो गई। शुरू में इस बंगले को खाली कराने के लिए एक-दो बार प्रयास भी हुए, लेकिन मामला सीधे जिले के एसपी से जुड़ा होने के कारण ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। तभी से सिंचाई विभाग की यह कोठी एसपी आवास के रूप में प्रयोग होती चली आ रही है। कोठी से लगी करीब 10-12 एकड़ कृषि भूमि भी है, जिसमें विभिन्न फलों के कई वृक्ष लगे हैं तथा विभिन्न फसलों की खेती भी होती है। इसके बाद भी पुलिस महकमा न तो भूमि में उत्पादित फसल का ही कोई हिसाब सिंचाई महकमे को देता है और न ही कोठी का किराया। हाल ही में ग्यारह फरवरी को जिले की बीसलपुर विधान सभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने इस मामले को विधान सभा में उठाया था, जिसके बाद सिंचाई महकमा भी कुछ गंभीर हुआ है और उसने अपने पुराने अभिलेख आदि जुटाने शुरू कर दिए हैं।
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यह सही है कि एसपी पीलीभीत का आवास जिस कोठी में है वह सिंचाई विभाग की है, जिसका न तो कोई किराया सिंचाई विभाग को मिलता है और न ही उसकी जमीन में उत्पादित फसल का ही कोई हिसाब किताब। विभाग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही यह कोठियां बनवाई गई थीं। आज भी इनकी महकमे को खासी जरूरत है। महकमे को यह कैसे वापस मिलेगी इसके लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत की जाएगी।
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- जीवन राम, अधीक्षण अभियंता पंचम मंडल

सिंचाई विभाग की इस कोठी पर तो एसपी का कब्जा है ही इसके अलावा करेली नहर कोठी पर भी पुलिस का कब्जा है। दोनों ही मामले मैंने विधान सभा में उठाए हैं। तीन माह के अंदर उसका जवाब प्रदेश सरकार को उन्हें देना होगा। जो भी जवाब मिलेगा उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

- रामसरन वर्मा, विधायक भाजपा

विधान सभा में उठाए गए उपरोक्त मामले की कोई लिखित सूचना अभी नहीं मिली है। यदि लिखित तौर पर कुछ मांगा जाता है तो वह स्थिति को दिखवाने के साथ जो भी वस्तुस्थिति होगी उससे शासन को अवगत करा देंगे।
- मासूम अली सरवर, डीएम
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