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दो साल में एक भी शिकायत दर्ज नहीं
पीलीभीत।
Updated Mon, 20 Apr 2015 11:38 PM IST
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सोशल साइटों के जरिये स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने की योजना विभागीय लापरवाही के कारण परवान नहीं चढ़ सकी। नतीजतन पीआरओ सेल में शिकायत दर्ज कराए जाने के लिए बनाई गई पीआरओ सेल पीलीभीत की आईडी पर एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई।
थानों में आने वाले उन फरियादियों के लिए यह महत्वपूर्ण थी, जिनकी पुलिस ने शिकायत नहीं सुनी या फिर उन्हें थाने से भगा दिया गया। खासतौर पर ऐसे लोगों की शिकायत सीधे एसपी तक पहुंच सके और उस पर कार्रवाई हो सके। इसके लिए शासन ने दो साल पहले पीआरओ सेल की ई-मेल आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। शासन के आदेश पर हरेक जिलों की तरह पीलीभीत में भी पीआरओ पीलीभीत डॉट ऐट द रेट रैडिफ मेल डॉट कॉम आईडी चालू की गई। मेल आईडी का व्यापक प्रचार प्रसार कराने के निर्देश दिए गए थे। बाकायदा पीआरओ सेल का दफ्तर अलग स्थापित किया गया, लेकिन स्थानीय पुलिस की लापरवाही से इसका प्रचार प्रसार नहीं कराया गया। जिससे लोगों को यह पता ही नहीं चल सका कि जिले में कोई ऐसी आईडी भी चल रही है जिस पर वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। खास बात यह है कि इस आईडी को चालू हुए दो साल की अवधि बीत गई, लेकिन आज तक इस आईडी पर एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई।
मेल आईडी के प्रचार-प्रसार में कमी होने के कारण इसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। वह इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराएंगे। - जितेंद्र कुमार शाही, एसपी
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थानों में आने वाले उन फरियादियों के लिए यह महत्वपूर्ण थी, जिनकी पुलिस ने शिकायत नहीं सुनी या फिर उन्हें थाने से भगा दिया गया। खासतौर पर ऐसे लोगों की शिकायत सीधे एसपी तक पहुंच सके और उस पर कार्रवाई हो सके। इसके लिए शासन ने दो साल पहले पीआरओ सेल की ई-मेल आईडी बनाने के निर्देश दिए थे। शासन के आदेश पर हरेक जिलों की तरह पीलीभीत में भी पीआरओ पीलीभीत डॉट ऐट द रेट रैडिफ मेल डॉट कॉम आईडी चालू की गई। मेल आईडी का व्यापक प्रचार प्रसार कराने के निर्देश दिए गए थे। बाकायदा पीआरओ सेल का दफ्तर अलग स्थापित किया गया, लेकिन स्थानीय पुलिस की लापरवाही से इसका प्रचार प्रसार नहीं कराया गया। जिससे लोगों को यह पता ही नहीं चल सका कि जिले में कोई ऐसी आईडी भी चल रही है जिस पर वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। खास बात यह है कि इस आईडी को चालू हुए दो साल की अवधि बीत गई, लेकिन आज तक इस आईडी पर एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई।
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मेल आईडी के प्रचार-प्रसार में कमी होने के कारण इसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। वह इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराएंगे। - जितेंद्र कुमार शाही, एसपी