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अवैध वसूली पर भड़के शिक्षामित्र
पीलीभीत।
Updated Mon, 01 Jun 2015 11:16 PM IST
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सीएमओ कार्यालय में फिटनिस सर्टिफिकेट बनाने पर हो रही अवैध वसूली से
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शिक्षामित्र भड़के उठे और जमकर हंगामा किया। शिकायत मिलने पर पहुंचे
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पीआरओ रंजीत सिंह ने मौके पर पहुंच
कर्मचारियों की जमकर लताड़ लगाते हुए इसकी शिकायत डीएम से की। बाद में
उन्होंने अपने सामने फार्म जमा करवाए।
सोमवार को तमाम शिक्षामित्र सीएमओ कार्यालय में फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे। आरोप है कि कुछ शिक्षामित्रों ने सुविधा शुल्क देकर सर्टिफिकेट बनवा लिए, लेकिन बाकी शिक्षामित्रों ने सुविधा शुल्क देने से मना करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। अवैध वसूली की शिकायत रुपाली, नासराबी ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पीआरओ रंजीत कुमार से की। इस पर वह सीएमओ कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में सीएमओ की गैर मौजूदगी में फिटनेट सर्टिफिकेट बनाने और अवैध वसूली को लेकर रंजीत कुमार ने कर्मचारियों की जमकर लताड़ लगाई। वहां मौजूद अन्य शिक्षामित्रों से अवैध वसूली के बारे में पूछा तो हरीश, कमलेश, दिनेश, रमण, हरीश आदि शिक्षामित्रों ने आरोप लगाया कि 100 रुपये पर्चा बनवाने के और 300 रुपये सर्टिफिकेट बनाने के लिए जाते हैं। इसकी शिकायत पीआरओ ने डीएम ओएन सिंह से कर जांच कराने और किसी अधिकारी को भेज रिश्वत की रकम पकड़वाने की मांग की। रंजीत सिंह का कहना है कि शिकायत के काफी देर बाद भी जब कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा तो उन्होंने अपने सामने फार्म जमा करवाएं।
शिक्षामित्रों के फिटनेस सर्टिफिकेट बनने की जानकारी सीएमओ को दी गई। उन्होंने पहले शिक्षामित्रों की डॉक्टरी जांच कराने के निर्देश दिए थे। अवैध वसूली के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
सीएम चतुर्वेदी, एसीएमओ
सोमवार को तमाम शिक्षामित्र सीएमओ कार्यालय में फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे। आरोप है कि कुछ शिक्षामित्रों ने सुविधा शुल्क देकर सर्टिफिकेट बनवा लिए, लेकिन बाकी शिक्षामित्रों ने सुविधा शुल्क देने से मना करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। अवैध वसूली की शिकायत रुपाली, नासराबी ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पीआरओ रंजीत कुमार से की। इस पर वह सीएमओ कार्यालय पहुंचे। कार्यालय में सीएमओ की गैर मौजूदगी में फिटनेट सर्टिफिकेट बनाने और अवैध वसूली को लेकर रंजीत कुमार ने कर्मचारियों की जमकर लताड़ लगाई। वहां मौजूद अन्य शिक्षामित्रों से अवैध वसूली के बारे में पूछा तो हरीश, कमलेश, दिनेश, रमण, हरीश आदि शिक्षामित्रों ने आरोप लगाया कि 100 रुपये पर्चा बनवाने के और 300 रुपये सर्टिफिकेट बनाने के लिए जाते हैं। इसकी शिकायत पीआरओ ने डीएम ओएन सिंह से कर जांच कराने और किसी अधिकारी को भेज रिश्वत की रकम पकड़वाने की मांग की। रंजीत सिंह का कहना है कि शिकायत के काफी देर बाद भी जब कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा तो उन्होंने अपने सामने फार्म जमा करवाएं।
शिक्षामित्रों के फिटनेस सर्टिफिकेट बनने की जानकारी सीएमओ को दी गई। उन्होंने पहले शिक्षामित्रों की डॉक्टरी जांच कराने के निर्देश दिए थे। अवैध वसूली के संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
सीएम चतुर्वेदी, एसीएमओ