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Pilibhit News: कार्रवाई के बीच खुलने लगे आइलेट्स सेंटर, 100 मामलों में आरोप पत्र दाखिल
Tue, 17 Jun 2025 11:41 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 17 Jun 2025 11:41 PM IST
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पीलीभीत। अवैध तरीके से विदेश भेजने के नाम पर पीड़ितों से करोड़ों की ठगी करने के मामले में भले ही पुलिस की कार्रवाई जारी हो, लेकिन कई माह से बंद पड़े आइलेट्स सेंटर खुलने लगे हैं। कई मामलों के नामजद आरोपियों ने न्यायालय में शरण ले ली। वहीं जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज करीब 177 मुकदमों में अबतक 100 में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। अफसर साक्ष्यों के आधार पर विवेचना किए जाने की बात कह रहे हैं।
जिले के पूरनपुर क्षेत्र में पहुंचे तीन खालिस्तानी आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने की दिसंबर 2024 में घटना हुई थी। जांच में आतंकियों के सहयोग करने वाले कनाडा में बैठे कुलबीर सिंह सिद्धू का नाम सामने आया था। सिद्धू के कोविड के समय पूरनपुर क्षेत्र में लंबे समय तक रहकर युवाओं को फर्जी तरीके से विदेश भेजने के मामले में सामने आए थे। इसके बाद अफसर गंभीर हुए थे। जांच में परते खुलती गईं। पुलिस कार्रवाई के बाद पीड़ित भी सामने आने लगे। तत्कालीन एसपी अविनाश पांडेय ने इसको लेकर पूरनपुर में शिविर का भी आयोजन कराया था। जिसमें बड़ी में पीड़ित साक्ष्यों के साथ शिकायत करने पहुंचे थे। इसके बाद पूरनपुर, माधोटांडा समेत जिले के अलग-अलग थानों में एसपी के आदेश में करीब 177 मुकदमे दर्ज किए थे। कार्रवाई के बाद आइलेट संचालकों में हड़कंप मच गया था। पूरनपुर के अधिकांश सेंटर बंद हो गए थे। दर्ज मुकदमों में से 100 मामलों में पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल कर दिए गए। इसके अलावा करीब 13 लोगों को जेल भी भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष सेल का गठन भी किया गया था। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ आरोपियों ने न्यायालय से अग्रिम जमानत ले ली थी। इधर कार्रवाई की गति धीमी होने के बाद कई माह से बंद पड़े आइलेट सेंटर खुलने लगे हैं। एसपी अभिषेक यादव ने बताया कि दर्ज मुकदमों में साक्ष्यों के आधार पर विवेचना चल रहीं हैं। मामलों की नियमित निगरानी की जा रही है।
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जिले के पूरनपुर क्षेत्र में पहुंचे तीन खालिस्तानी आतंकियों के मुठभेड़ में मारे जाने की दिसंबर 2024 में घटना हुई थी। जांच में आतंकियों के सहयोग करने वाले कनाडा में बैठे कुलबीर सिंह सिद्धू का नाम सामने आया था। सिद्धू के कोविड के समय पूरनपुर क्षेत्र में लंबे समय तक रहकर युवाओं को फर्जी तरीके से विदेश भेजने के मामले में सामने आए थे। इसके बाद अफसर गंभीर हुए थे। जांच में परते खुलती गईं। पुलिस कार्रवाई के बाद पीड़ित भी सामने आने लगे। तत्कालीन एसपी अविनाश पांडेय ने इसको लेकर पूरनपुर में शिविर का भी आयोजन कराया था। जिसमें बड़ी में पीड़ित साक्ष्यों के साथ शिकायत करने पहुंचे थे। इसके बाद पूरनपुर, माधोटांडा समेत जिले के अलग-अलग थानों में एसपी के आदेश में करीब 177 मुकदमे दर्ज किए थे। कार्रवाई के बाद आइलेट संचालकों में हड़कंप मच गया था। पूरनपुर के अधिकांश सेंटर बंद हो गए थे। दर्ज मुकदमों में से 100 मामलों में पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल कर दिए गए। इसके अलावा करीब 13 लोगों को जेल भी भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष सेल का गठन भी किया गया था। कार्रवाई से बचने के लिए कुछ आरोपियों ने न्यायालय से अग्रिम जमानत ले ली थी। इधर कार्रवाई की गति धीमी होने के बाद कई माह से बंद पड़े आइलेट सेंटर खुलने लगे हैं। एसपी अभिषेक यादव ने बताया कि दर्ज मुकदमों में साक्ष्यों के आधार पर विवेचना चल रहीं हैं। मामलों की नियमित निगरानी की जा रही है।
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