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Pilibhit News: दहेज हत्या में पति को सात साल की सजा, सास-ससुर बरी
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ग्राम केसरियापुर में 2023 में विवाहिता की संदिग्ध हालात में हुई थी मौत
पीलीभीत। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में विवाहिता की दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) विजय कुमार हिमांशु ने पति को दोषी पाते हुए दो हजार रुपये जुर्माना सहित सात वर्ष की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सास और ससुर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, ग्राम केसरियापुर निवासी चंदा देवी की शादी सात मई 2017 को अंकित से हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति अंकित, ससुर बिल्लू और सास बिटोली देवी अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करते थे। चार सितंबर 2023 को विवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली। मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी गला दबाकर हत्या की गई और बाद में शव को फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पति अंकित द्वारा दहेज की मांग और विवाहिता के साथ मारपीट एवं क्रूरता किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। न्यायालय ने अंकित को सात वर्ष के कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, न्यायालय ने कहा कि सास बिटोली देवी और ससुर बिल्लू के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त एवं निश्चित साक्ष्य नहीं मिले। इस आधार पर दोनों को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया। संवाद
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पीलीभीत। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र में विवाहिता की दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) विजय कुमार हिमांशु ने पति को दोषी पाते हुए दो हजार रुपये जुर्माना सहित सात वर्ष की सजा सुनाई है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में सास और ससुर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, ग्राम केसरियापुर निवासी चंदा देवी की शादी सात मई 2017 को अंकित से हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति अंकित, ससुर बिल्लू और सास बिटोली देवी अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करते थे। चार सितंबर 2023 को विवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली। मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी गला दबाकर हत्या की गई और बाद में शव को फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि पति अंकित द्वारा दहेज की मांग और विवाहिता के साथ मारपीट एवं क्रूरता किए जाने के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। न्यायालय ने अंकित को सात वर्ष के कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, न्यायालय ने कहा कि सास बिटोली देवी और ससुर बिल्लू के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त एवं निश्चित साक्ष्य नहीं मिले। इस आधार पर दोनों को संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया। संवाद
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