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भूख से बिलख रहे बाढ़ पीड़ित, दहशत के चलते रात भर रहे जागते
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शारदापार ट्राली में शरण लिए बाढ़ पीड़ित एक परिवार के सदस्य।
- फोटो : PILIBHIT
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पूरनपुर। शारदा नदी की बाढ़ से ट्रांस शारदा क्षेत्र के अधिकांश गांवों में दूसरे दिन भी जलभराव रहने से लोगों की बेचैनी कम नहीं हो रही है। भूख से बिलबिला रहे तमाम परिवार दहशत के चलते पूरी रात जागने को मजबूर हैं। सुध लेने को अफसरों, कर्मचारियों के न पहुंचने पर लोगों में रोष है। गांवों में पानी भरने से कई परिवार धनाराघाट रोड पर शरण लिए हुए हैं।
बनवसा बैराज से शारदा में रिलीज हुए पानी ने इस बार जमकर तबाही मचाई। शारदा नदी के उफनाने से गांव राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह, खिरकिया बरगदिया, चंदिया हजारा, नहरोसा, राणा प्रतापनगर, श्रीनगर, अशोकनगर, भरतपुर, सिद्धनगर, शास्त्रीनगर, चंद्रनगर, रामनगर, वैल्हा, बमनपुर भागीरथ, टांटरगंज, कबीरगंज आदि गांवों में पानी भर गया। अधिकांश गांवों में तीन फुट पानी भरने से लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए है। बाढ़ में फंसे लोगों के घर तीसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले। प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से खाने के पैकेट तो बांटे गए। मगर अधिकांश स्थानों पर अफसरों, कर्मचारियों के न पहुंचने पर खाना भी नहीं पहुंच सका। भूख से बिलबिला रहे लोगों ने दहशत के चलते रात जागकर काटी। बाढ़ में फंसने से कई पशुओं की मौत हो गई। बच्चों, बुजुर्गों को भारी असुविधा हो रही है। भाकपा (माले) नेता गांव राहुलनगर मजदूर बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि तीसरे दिन भी कोई अफसर, कर्मचारी गांव में सुध लेने नहीं आया है। उनके दो पशुओं के अलावा गांव के कुछ अन्य लोगों के पशुओं की मौत हुई है।
घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर पहुंचे कई बाढ़ पीड़ित
घरों में तीन फुट तक पानी भरने से लोग छतों और अन्य ऊंचे स्थानों पर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। गांव राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया के कुछ लोगों ने हरीपुर जंगल में धनाराघाट रोड किनारे अपने तंबू लगाकर शरण ली है। कुछ बाढ़ पीड़ितों ने अपने पशुओं को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया है।
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ठप हो गई मोबाइल सेवा
हजारा थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट मोबाइल कंपनी के टावर परिसर में जलभराव होने से जनरेटर खराब होने से उसकी सेवा ठप हो गई। जबकि एक अन्य प्राइवेट मोबाइल कंपनी का नेटवर्क होने से उससे लोगों का संपर्क हो रहा है।
बाढ़ के चलते क्षेत्र की स्थिति भयावह है। हालांकि बुधवार को अपराह्न से पानी कम होने लगा है। इससे लोग राहत महसूस करने लगे है। पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। खाना के पैकेट बंटवाए गए है।
- अशोक कुमार गुप्ता, तहसीलदार
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बनवसा बैराज से शारदा में रिलीज हुए पानी ने इस बार जमकर तबाही मचाई। शारदा नदी के उफनाने से गांव राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह, खिरकिया बरगदिया, चंदिया हजारा, नहरोसा, राणा प्रतापनगर, श्रीनगर, अशोकनगर, भरतपुर, सिद्धनगर, शास्त्रीनगर, चंद्रनगर, रामनगर, वैल्हा, बमनपुर भागीरथ, टांटरगंज, कबीरगंज आदि गांवों में पानी भर गया। अधिकांश गांवों में तीन फुट पानी भरने से लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए है। बाढ़ में फंसे लोगों के घर तीसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले। प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से खाने के पैकेट तो बांटे गए। मगर अधिकांश स्थानों पर अफसरों, कर्मचारियों के न पहुंचने पर खाना भी नहीं पहुंच सका। भूख से बिलबिला रहे लोगों ने दहशत के चलते रात जागकर काटी। बाढ़ में फंसने से कई पशुओं की मौत हो गई। बच्चों, बुजुर्गों को भारी असुविधा हो रही है। भाकपा (माले) नेता गांव राहुलनगर मजदूर बस्ती निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि तीसरे दिन भी कोई अफसर, कर्मचारी गांव में सुध लेने नहीं आया है। उनके दो पशुओं के अलावा गांव के कुछ अन्य लोगों के पशुओं की मौत हुई है।
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घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर पहुंचे कई बाढ़ पीड़ित
घरों में तीन फुट तक पानी भरने से लोग छतों और अन्य ऊंचे स्थानों पर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। गांव राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया के कुछ लोगों ने हरीपुर जंगल में धनाराघाट रोड किनारे अपने तंबू लगाकर शरण ली है। कुछ बाढ़ पीड़ितों ने अपने पशुओं को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया है।
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ठप हो गई मोबाइल सेवा
हजारा थाना क्षेत्र में एक प्राइवेट मोबाइल कंपनी के टावर परिसर में जलभराव होने से जनरेटर खराब होने से उसकी सेवा ठप हो गई। जबकि एक अन्य प्राइवेट मोबाइल कंपनी का नेटवर्क होने से उससे लोगों का संपर्क हो रहा है।
बाढ़ के चलते क्षेत्र की स्थिति भयावह है। हालांकि बुधवार को अपराह्न से पानी कम होने लगा है। इससे लोग राहत महसूस करने लगे है। पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है। खाना के पैकेट बंटवाए गए है।
- अशोक कुमार गुप्ता, तहसीलदार