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Pilibhit News: कैसे मिले उपचार... चार अस्पतालों की जिम्मेदारी दो डॉक्टरों पर
Mon, 30 Dec 2024 12:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 30 Dec 2024 12:28 AM IST
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जहानाबाद का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन।संवाद
पीलीभीत/जहानाबाद। जहानाबाद सीएचसी और तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सकों की कमी से रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं। महज दो चिकित्सक ही सीएचसी और पीएचसी में इलाज की जिम्मेदारी संभाले हुए है। यहां आने वाले मरीजों में से ज्यादातर को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाता है। दूर-दराज के मरीज जिला अस्पताल जाने को लेकर सबसे ज्यादा परेशान होते हैं।
ब्लॉक ललौरीखेड़ा क्षेत्र के जहानाबाद कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। इस सीएचसी के अधीन तीन पीएचसी भी संचालित हो रहे हैं। सीएचसी पर तीन चिकित्सक तैनात हैं। इसमें एक चिकित्सक की महाकुंभ में ड्यूटी लगा दी गई।
अब दो चिकित्सक ही इस सीएचसी व यहां की सभी पीएचसी को संभाल रहे है। वहीं सीएचसी के अधीक्षक को विभागीय काम और बैठकों में भी जाना पड़ता है।
ऐसे में एक चिकित्सक ही चार अस्पतालों का काम देख रहे हैं। ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतें होती है। लोगों का कहना है कि सीएचसी पर आने वाले मरीजों को महज प्राथमिक उपचार ही दिया जा रहा है। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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ब्लॉक ललौरीखेड़ा क्षेत्र के जहानाबाद कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। इस सीएचसी के अधीन तीन पीएचसी भी संचालित हो रहे हैं। सीएचसी पर तीन चिकित्सक तैनात हैं। इसमें एक चिकित्सक की महाकुंभ में ड्यूटी लगा दी गई।
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अब दो चिकित्सक ही इस सीएचसी व यहां की सभी पीएचसी को संभाल रहे है। वहीं सीएचसी के अधीक्षक को विभागीय काम और बैठकों में भी जाना पड़ता है।
ऐसे में एक चिकित्सक ही चार अस्पतालों का काम देख रहे हैं। ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतें होती है। लोगों का कहना है कि सीएचसी पर आने वाले मरीजों को महज प्राथमिक उपचार ही दिया जा रहा है। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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