फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   How to be treated when there is a lack of equipment in hospitals

अस्पतालों में उपकरणों के हालात पर खबर

Wed, 25 May 2022 06:11 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 25 May 2022 06:11 PM IST
विज्ञापन
How to be treated when there is a lack of equipment in hospitals
बीसलपुर सीएचसी का बंद पड़ा दंत अनुभाग। संवाद - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। बिलसंडा सीएचसी में मशीन होने के बाद भी रोजाना एक्सरे नहीं होते। मरीज लौटा दिए जाते हैं। कलीनगर में डेंटिस्ट तैनात हैं पर डेंटल चेयर न होने की वजह से दंत चिकित्सा सेवा चालू नहीं हो सकी। पूरनपुर में खून की जांच के लिए लगाई गई मशीन एक वर्ष पहले खराब हुई मगर अभी तक ठीक नहीं हुई। मरीज निजी लैब में जांच कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं। बीसलपुर में एक वर्ष से दंत चिकित्सा की सेवाएं बंद हैं। जिम्मेदार अधिकारी इन हालतों में भी ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि शासन प्रशासन चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आएदिन निर्देश जारी कर रहा है और जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक चिकित्सा सेवाओं में सुधार के दावे भी किए जा रहे हैं।
विज्ञापन

1
माधोटांडा सीएचसी से परामर्श देकर लौटाए जा रहे हैं दांत के मरीज
कलीनगर। तहसील के 150 से अधिक गांवों के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए माधोटांडा में एकमात्र सीएचसी है। यहां आयुष चिकित्सक के अलावा एक डेंटल चिकित्सक डॉ. खुर्शीद भी तैनात हैं। डेंटल चिकित्सक के वेतन पर प्रतिमाह हजारों रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन दो लाख रुपये की डेंटल चेयर नहीं मंगाई जा रही है। ऐसे में एक साल से चिकित्सक दांतों की समस्या लेकर आने वाले मरीजों को केवल परामर्श देने का ही कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन

2
सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को लौटाए जाते हैं एक्सरे वाले मरीज
बिलसंडा। अगस्त 2021 में बिलसंडा सीएचसी में तैनात टेक्नीशियन का तबादला हो जाने के कारण एक्सरे-रूम पर ताला लग गया था। मंगलवार को एक्स-रे मशीन चालू की गई। बीसलपुर के टेक्नीशियन चंद्रकिशोर सिंह को बिलसंडा सीएचसी से सप्ताह में तीन दिन के लिए संबद्ध किया गया है। मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को एक्सरे करते हैं लेकिन सोमवार, बुधवार, शुक्रवार को मरीज लौटा दिए जाते हैं। क्योंकि टेक्नीशियन इन तीन दिनों में यहां नहीं मिलते हैं। ऐसी स्थिति में एक्सरे कराने के लिए निजी लैब में दो सौ से तीन सौ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

3
एक वर्ष से बंद पड़ा है, सीएचसी का दंत अनुभाग
बीसलपुर। सीएचसी के दंत अनुभाग कक्ष के लिए दंत रोग विशेषज्ञ और डेंटल हाईजनिस्ट की नियुक्ति है। दंत रोग विशेषज्ञ दंत अनुभाग कक्ष में बैठने की बजाए कक्ष नंबर चार में बैठकर ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। डेंटल हाइजनिस्ट की ड्यूटी पिछले एक वर्ष से टीकाकरण कक्ष में चल रही है। इस प्रकार दंत अनुभाग कक्ष में बैठने के लिए अधिकृत किए गए दोनों लोगों को दूसरे स्थानों पर बैठाया जा रहा है और दंत अनुभाग पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है। रोजाना कई दंत रोगी दवा लेने आते हैं और दंत अनुभाग कक्ष के बाहर भटकने के बाद मायूस होकर लौट जाते हैं। सीएचसी के एमओआईसी डॉ. श्रीराम ने दंत अनुभाग के एक वर्ष से बंद पड़े होने के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की।
4
सरकारी अस्पताल की मशीन खराब, निजी लैब में खर्च रहे 400 रुपये
पूरनपुर। सीएचसी में खून की सभी जांचें हो सकें इसलिए करीब तीन साल पहले सीवीसी मशीन लगाई गई थी। मशीन लगने से मरीज और तीमारदारों को खासी सुविधा भी मिली। मशीन डेढ़ वर्ष से खराब है। इसे ठीक करने के लिए भेजा गया है पर अभी तक सही हो कर नहीं आ पाई है। सीएचसी में संपूर्ण खून की जांचें नहीं हो पा रही हैं। नाममात्र की जांचें ही हो पा रही हैं। खून की सभी जांचें कराने को मरीज और उनके तीमारदारों को निजी लैब का सहारा लेना पड़ता है। मरीजों को 350 से 400 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

सीएचसी में मिले मोहल्ला चौक निवासी शकील अहमद ने बताया कि अपने दोस्त की दवाई लेने आए थे। खून की जांच भी कराना चाह रहे थे। मगर मशीन न होने की जानकारी दी गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजीत हसन अंसारी ने बताया कि मशीन को सही कराने भेजा गया था। वापस मंगवाने को पत्राचार किया जाएगा।

फिलसंडा में खाली पड़ा एक्सरे कक्ष। संवाद

फिलसंडा में खाली पड़ा एक्सरे कक्ष। संवाद- फोटो : PILIBHIT

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed