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Pilibhit News: गोमती उद्गम स्थल की फीकी चमक फिर लौटने की उम्मीद
Fri, 18 Apr 2025 01:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 18 Apr 2025 01:03 AM IST
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कलीनगर(पीलीभीत)। गोमती उद्गम स्थल के दिन फिर बहुरने की उम्मीद जागी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से आई टीम के दौरे के बाद डीएम की ओर से प्रयास तेज किए गए हैं। उद्गम स्थल के विकास के लिए के विभिन्न विभागों को योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
दो साल पूर्व से देखरेख के अभाव में उद्गम स्थल की चमक फीकी पड़ गई। हाल ही में कराए गए विकास कार्य भी जर्जर हो गए। पूर्व में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के सहयोग से गोमती ट्रस्ट के सदस्यों ने दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मिलकर गोमती के विकास से संबंधित मांग रखी थी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर सप्ताहभर पूर्व केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से नेशनल मिशन क्लीन फाॅर गंगा की तीन सदस्यीय टीम उद्गम स्थल के दौरे पर आई थी। टीम ने अविरल धारा बहाने की स्थिति के साथ उद्गम स्थल के विकास से संबंधित जानकारी और हकीकत परखने के बाद डीएम संजय कुमार सिंह से मिलकर जरूरी चर्चा की।
टीम के दौरे के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लेकर राजस्व, सिंचाई, जल निगम समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को उद्गम स्थल के विकास से संबंधित कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर टीमों ने कार्ययोजना बनाना शुरू कर दिया है। डीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। कार्ययोजना बनने के बाद आगे के प्रयासों पर अमल किया जाएगा।
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सौंदर्यीकरण के प्रयासों को तलाशने पहुंची टीम
डीएम के निर्देश पर रूरल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण को लेकर प्रयास शुरू किए गए हैं। इसके लिए स्थिति को परखने के साथ संभावनाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सहायक अभियंता दिनेश कुमार के नेतृत्व में जेई विशाल सक्सेना, अमर सिंह, सचिन कुमार आदि प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं।
ये किए जा रहे प्रयास
प्रस्ताव में प्रमुख रूप से उद्गम तीर्थ स्थल पर पार्किंग, पार्क, फाउंटेन, स्टैचू, सांस्कृतिक मंच, इंटरलॉकिंग, झरना, गोमती आर्ट गैलरी, योग साधना केंद्र, रिवरफ्रंट की सीढ़ियां, फ्लावर बेड, कैंटीन, सामुदायिक किचन, किड्स जोन, नौकायन, स्वागत गेट, जंतु बिहार, लाइटिंग आदि को लेकर प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं।
गंदा पानी को रोकने के भी प्रयास
गोमती की झीलों में पहुंचने वाले कस्बे के गंदे पानी को रोकने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। इसके लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता मनीष गंगवार, सुपरवाइजर गंगादीन श्रीवास्तव ने उद्गम स्थल पर पहुंचकर लिंक मार्ग के निकट स्थित गोमती गेट के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रस्तावित स्थल को देखकर रिपोर्ट तैयार की है।
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दो साल पूर्व से देखरेख के अभाव में उद्गम स्थल की चमक फीकी पड़ गई। हाल ही में कराए गए विकास कार्य भी जर्जर हो गए। पूर्व में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के सहयोग से गोमती ट्रस्ट के सदस्यों ने दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मिलकर गोमती के विकास से संबंधित मांग रखी थी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर सप्ताहभर पूर्व केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से नेशनल मिशन क्लीन फाॅर गंगा की तीन सदस्यीय टीम उद्गम स्थल के दौरे पर आई थी। टीम ने अविरल धारा बहाने की स्थिति के साथ उद्गम स्थल के विकास से संबंधित जानकारी और हकीकत परखने के बाद डीएम संजय कुमार सिंह से मिलकर जरूरी चर्चा की।
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टीम के दौरे के बाद डीएम ने मामले को गंभीरता से लेकर राजस्व, सिंचाई, जल निगम समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को उद्गम स्थल के विकास से संबंधित कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश पर टीमों ने कार्ययोजना बनाना शुरू कर दिया है। डीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। कार्ययोजना बनने के बाद आगे के प्रयासों पर अमल किया जाएगा।
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सौंदर्यीकरण के प्रयासों को तलाशने पहुंची टीम
डीएम के निर्देश पर रूरल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ओर से उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण को लेकर प्रयास शुरू किए गए हैं। इसके लिए स्थिति को परखने के साथ संभावनाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। सहायक अभियंता दिनेश कुमार के नेतृत्व में जेई विशाल सक्सेना, अमर सिंह, सचिन कुमार आदि प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं।
ये किए जा रहे प्रयास
प्रस्ताव में प्रमुख रूप से उद्गम तीर्थ स्थल पर पार्किंग, पार्क, फाउंटेन, स्टैचू, सांस्कृतिक मंच, इंटरलॉकिंग, झरना, गोमती आर्ट गैलरी, योग साधना केंद्र, रिवरफ्रंट की सीढ़ियां, फ्लावर बेड, कैंटीन, सामुदायिक किचन, किड्स जोन, नौकायन, स्वागत गेट, जंतु बिहार, लाइटिंग आदि को लेकर प्रोजेक्ट तैयार किए जा रहे हैं।
गंदा पानी को रोकने के भी प्रयास
गोमती की झीलों में पहुंचने वाले कस्बे के गंदे पानी को रोकने के प्रयास भी तेज किए गए हैं। इसके लिए जल निगम के अधिशासी अभियंता मनीष गंगवार, सुपरवाइजर गंगादीन श्रीवास्तव ने उद्गम स्थल पर पहुंचकर लिंक मार्ग के निकट स्थित गोमती गेट के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रस्तावित स्थल को देखकर रिपोर्ट तैयार की है।