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Pilibhit News: मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ित 52 परिवारों को दी जाएगी मदद
Sun, 19 Jan 2025 01:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sun, 19 Jan 2025 01:03 AM IST
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पीलीभीत। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जान गंवाने वालों के पीड़ित परिवारों को सरकारी सुविधा मुहैया कराने की कवायद तेज हो गई है।्
टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से ऐसे परिवारों को चिह्नित कर उनकी समस्याओं के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को पीटीआर मुख्यालय पर कई पीड़ित परिवारों के साथ बैठक भी की गई।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे करीब 70 गांवों मानव वन्यजीव संघर्ष को लेकर संवेदनशील श्रेणी में माने जाते हैं। पूर्व वर्षों में मानव वन्यजीव संघर्ष की कई घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इसमें कलीनगर क्षेत्र के कई गांव अति संवेदनशील हैं। संघर्ष में जान गवाने वालों के परिवारों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से प्रयास शुरू किए गए। पीटीआर प्रशासन ने संघर्ष में जान गंवाने वाले करीब 52 परिवारों को चिह्नित किया है। अब अफसर पीड़ित परिवारों को राहत देने की कवायद कर रहे हैं। इसके लिए संवाद कर उनसे समस्याओं को जाना जा रहा है। इसके आधार पर इन परिवारों को सरकारी सुविधाओं का लाभ देने की प्रक्रिया पर अमल किया जा सके।
इसको लेकर शनिवार को पीटीआर मुख्यालय पर पीड़ित कई परिवारों के साथ बैठक भी की गई। इसमें परिवारों की राय ली गई। इससे पूर्व भी अफसरों ने पीड़ित के साथ बैठक की थी। बैठक में पीटीआर के अलाव डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार भी मौजूद रहे।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवारों को सरकारी राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पांच योजनाओं को सूचीबद्ध किया गया है। संवाद कर परिवारों से प्राप्त राय के आधार पर सुविधा देने की पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है। पीड़ित परिवारों से दस्तावेजों को लेकर भी बातचीत की जा रही है।
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टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से ऐसे परिवारों को चिह्नित कर उनकी समस्याओं के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को पीटीआर मुख्यालय पर कई पीड़ित परिवारों के साथ बैठक भी की गई।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे करीब 70 गांवों मानव वन्यजीव संघर्ष को लेकर संवेदनशील श्रेणी में माने जाते हैं। पूर्व वर्षों में मानव वन्यजीव संघर्ष की कई घटनाएं भी सामने आती रही हैं। इसमें कलीनगर क्षेत्र के कई गांव अति संवेदनशील हैं। संघर्ष में जान गवाने वालों के परिवारों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से प्रयास शुरू किए गए। पीटीआर प्रशासन ने संघर्ष में जान गंवाने वाले करीब 52 परिवारों को चिह्नित किया है। अब अफसर पीड़ित परिवारों को राहत देने की कवायद कर रहे हैं। इसके लिए संवाद कर उनसे समस्याओं को जाना जा रहा है। इसके आधार पर इन परिवारों को सरकारी सुविधाओं का लाभ देने की प्रक्रिया पर अमल किया जा सके।
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इसको लेकर शनिवार को पीटीआर मुख्यालय पर पीड़ित कई परिवारों के साथ बैठक भी की गई। इसमें परिवारों की राय ली गई। इससे पूर्व भी अफसरों ने पीड़ित के साथ बैठक की थी। बैठक में पीटीआर के अलाव डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार भी मौजूद रहे।
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डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवारों को सरकारी राहत देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पांच योजनाओं को सूचीबद्ध किया गया है। संवाद कर परिवारों से प्राप्त राय के आधार पर सुविधा देने की पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है। पीड़ित परिवारों से दस्तावेजों को लेकर भी बातचीत की जा रही है।