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पानी पर रार... सीएमओ बोले-जानलेवा, ईओ ने बताया साफ
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शहर से सटा नौगवा पकड़िया। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। शहर से सटी ग्राम पंचायत नौगवा पकड़िया में लगातार बुखार से हो रहीं मौतों से लोगों में दहशत है। यहां अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में भी बुखार पर रोकथाम लगाने के बजाय अधिकारी एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराने में लगे हैं। सीएमओ आलोक कुमार ने अब तक एक भी मौत बुखार से होना नहीं माना है। कहना है कि पानी दूषित होने से मौत हो रही हैं। जांच रिपोर्ट में पानी सही निकला तो सीएमओ ने जल निगम की लैब पर ही सवाल उठा दिए। अब उन्होंने खुद छह जगहों से पानी के नमूने लेकर लखनऊ जांच को भेजे हैं। वहीं ईओ संतोष चतुर्वेदी का कहना है कि पानी की रिपोर्ट सही है। उनके बिना जानकारी के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नमूने भेज गए हैं।
डीएम के निर्देश पर नगर पंचायत की ओर से नौगवा पकड़िया में दो घरों से पानी का नमूने लेकर 30 अक्तूबर को जल निगम की लैब में जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट आने पर पानी सही यानी पीने लायक निकला। पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने जल निगम की लैब पर ही सवाल खड़े करते हुए इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया। सीएमओ का कहना था कि नमूनों के लिए पानी कहां से भेजा गया उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं। हो सकता है शुद्ध पानी ही जांच के लिए भेज दिया हो। पानी में बैक्टीरिया की जांच तक लैब में नहीं की गई। इससे उन्हें रिपोर्ट पर विश्वास नहीं है। ऐसे में उन्होंने खुद नगर पंचायत के अलग-अलग क्षेत्रों से छह नमूने लेकर बुधवार को लखनऊ जांच को भेजे।
इधर नगर पंचायत के प्रभारी ईओ संतोष चतुर्वेदी का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दो पानी के नमूने भेज गए थे। वार्ड नंबर दो और आठ से उन स्थानों से नमूने लिए गए, जहां मौतें हुईं थीं। जांच में पानी दूषित नहीं आया। ईओ ने तो यहां तक कह दिया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो छह नमूने भेजे गए हैं। वह सैंपल कहां से लिए गए हैं, उन्हें जानकारी नहीं है। अगर जांच रिपोर्ट पर शक था तो उन्हें जानकारी देने के बाद साथ में ले जाकर नमूने लिए जाते। अब तालाब का पानी जांच के लिए भेज दो तो उसका नमूना तो फेल होगा ही।
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एक सप्ताह में 20 लोग एनएस वन पॉजिटिव मिले
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम नौगवा पकड़िया में जांच करने गई। टीम के सदस्यों ने बताया कि 37 लोगों की मलेरिया और डेंगू एनएस वन की जांच की जा चुकी है। अब तक कोई पॉजिटिव नहीं आया है। पिछले एक सप्ताह में बुधवार शाम तक 895 लोगों की जांच हुई। इनमें 15 से 20 लोग ही एनएस वन पॉजटिव आए। जिनका उपचार चल रहा है।
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पिछले एक माह में 20 इंडिया मार्का हैंडपंप हुए रिबोर
नौगवा पकड़िया निवासी संदीप सक्सेना ने बताया कि नगर पंचायत के सभी मोहल्लों में 103 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। इसमें जल निगम की ओर से साढ़े आठ लाख रुपये खर्च कर 20 हैंडपंपों को रिबोर कराया गया था। जिससे लोगों केे शुद्ध पानी मिल सके। आरोप लगाया कि जलनिगम की लापरवाही से रिबोर के बाद भी हैंडपंप गंदा पानी दे रहे हैं।
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जो पानी के सैंपल जांच के लिए आए थे। उनमें पानी दूषित नहीं निकला। सीएमओ को अगर विश्वास नहीं है तो कहीं से भी जांच कराई जा सकती है।
- कुमकुम गंगवार, एक्सईएन जलनिगम
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जो पानी के नमूने जांच के लिए भेेजे गए थे पता नहीं कहां से लिए गए हैं। जल निगम की रिपोर्ट पर विश्वास नहीं है। हमने छह नमूने लेकर जांच को लखनऊ भेजे हैं।
- आलोक कुमार, सीएमओ
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डीएम के निर्देश पर नगर पंचायत की ओर से नौगवा पकड़िया में दो घरों से पानी का नमूने लेकर 30 अक्तूबर को जल निगम की लैब में जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट आने पर पानी सही यानी पीने लायक निकला। पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने जल निगम की लैब पर ही सवाल खड़े करते हुए इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया। सीएमओ का कहना था कि नमूनों के लिए पानी कहां से भेजा गया उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं। हो सकता है शुद्ध पानी ही जांच के लिए भेज दिया हो। पानी में बैक्टीरिया की जांच तक लैब में नहीं की गई। इससे उन्हें रिपोर्ट पर विश्वास नहीं है। ऐसे में उन्होंने खुद नगर पंचायत के अलग-अलग क्षेत्रों से छह नमूने लेकर बुधवार को लखनऊ जांच को भेजे।
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इधर नगर पंचायत के प्रभारी ईओ संतोष चतुर्वेदी का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दो पानी के नमूने भेज गए थे। वार्ड नंबर दो और आठ से उन स्थानों से नमूने लिए गए, जहां मौतें हुईं थीं। जांच में पानी दूषित नहीं आया। ईओ ने तो यहां तक कह दिया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो छह नमूने भेजे गए हैं। वह सैंपल कहां से लिए गए हैं, उन्हें जानकारी नहीं है। अगर जांच रिपोर्ट पर शक था तो उन्हें जानकारी देने के बाद साथ में ले जाकर नमूने लिए जाते। अब तालाब का पानी जांच के लिए भेज दो तो उसका नमूना तो फेल होगा ही।
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एक सप्ताह में 20 लोग एनएस वन पॉजिटिव मिले
बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम नौगवा पकड़िया में जांच करने गई। टीम के सदस्यों ने बताया कि 37 लोगों की मलेरिया और डेंगू एनएस वन की जांच की जा चुकी है। अब तक कोई पॉजिटिव नहीं आया है। पिछले एक सप्ताह में बुधवार शाम तक 895 लोगों की जांच हुई। इनमें 15 से 20 लोग ही एनएस वन पॉजटिव आए। जिनका उपचार चल रहा है।
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पिछले एक माह में 20 इंडिया मार्का हैंडपंप हुए रिबोर
नौगवा पकड़िया निवासी संदीप सक्सेना ने बताया कि नगर पंचायत के सभी मोहल्लों में 103 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। इसमें जल निगम की ओर से साढ़े आठ लाख रुपये खर्च कर 20 हैंडपंपों को रिबोर कराया गया था। जिससे लोगों केे शुद्ध पानी मिल सके। आरोप लगाया कि जलनिगम की लापरवाही से रिबोर के बाद भी हैंडपंप गंदा पानी दे रहे हैं।
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जो पानी के सैंपल जांच के लिए आए थे। उनमें पानी दूषित नहीं निकला। सीएमओ को अगर विश्वास नहीं है तो कहीं से भी जांच कराई जा सकती है।
- कुमकुम गंगवार, एक्सईएन जलनिगम
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जो पानी के नमूने जांच के लिए भेेजे गए थे पता नहीं कहां से लिए गए हैं। जल निगम की रिपोर्ट पर विश्वास नहीं है। हमने छह नमूने लेकर जांच को लखनऊ भेजे हैं।
- आलोक कुमार, सीएमओ