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थमे एंबुलेंस के पहिये, हड़ताल से मरीज रहे परेशान
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पीलीभीत। एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के शोषण से परेशान 102, 108 एंबुलेंस के कर्मचारियों के बेमियादी हड़ताल पर जाने से एंबुलेंस वाहनों के पहिये थम गए हैं। एंबुलेंस चालक और एमटी ने पांच सूत्री मांगे पूरी नहीं होने पर सभी गाड़ियां यशवंतरी ग्राउंड में एकत्रित कर धरना दिया। इससे पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गईं। चालकों की हड़ताल से मरीजों को खासा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चालकों ने ऐलान किया कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, काम नहीं किया जाएगा।
सोमवार से प्रांतीय आह्वान पर जीवनदायिनी कही जाने वाली जिले में चल रहीं 102 और 108 नंबर की 49 गाड़ियों के स्टाफ कर्मियों के बेमियादी हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। सुबह ही जिले भर से चालक एंबुलेंस लेकर यशवंतरी ग्राउंड पहुंचे और धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। कहा कि एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी हम लोगों का शोषण कर रही है। उन्होंने पांच सूत्री मांगें रखीं। जिसमें पायलट प्रोजेक्ट बंद करने, लंबित वेतन भुगतान करने, कर्मचारियों का शोषण बंद करने, फर्जी केस टारगेट बंद करने, ड्यूटी आठ घंटे निर्धारित करने की मांग हैं। इन मांगों को लेकर सभी चालकों और ईएमटी ने सीएमओ के माध्यम से प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण लखनऊ को ज्ञापन भेजा।
पूरनपुर। समस्याओं को लेकर सोमवार को एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर रहे। एंबुलेंस चालक अपने वाहनों के साथ जिला मुख्यालय रवाना हुए। विरोध प्रदर्शन को लेकर मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ सोमवार को नहीं मिला। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी असुविधा हुई।
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पूरनपुर। समस्याओं को लेकर सोमवार को एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर रहे। एंबुलेंस चालक अपने वाहनों के साथ जिला मुख्यालय रवाना हुए। विरोध प्रदर्शन को लेकर मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ सोमवार को नहीं मिला। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी असुविधा हुई।
सिटी मजिस्ट्रेट ने हड़काया तो एंबुलेंस लेकर दौड़े चालक
यशवंतरी ग्राउंड में जिले भर की एंबुलेंस खड़ी होने का पता चलने और इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने का पता चलने पर सिटी मजिस्ट्रेट का पारा चढ़ गया। वह सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. अश्वनी गुप्ता आदि के साथ धरना स्थल पर पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट ने चालकों से कहा कि एंबुलेंस सरकार ने मरीजों की सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराई हैं। जो भी मांग है उनको शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। लिहाजा एंबुलेंस निर्धारित स्थलों पर ले जाकर खड़ी कर दी जाए। काफी समझाने के बाद भी जब चालक नहीं माने तो सिटी मजिस्ट्रेट ने कानूनी शिकंजा कसने की बात कही। इस पर आननफानन में चालक एंबुलेंस लेकर खिसक लिए।
एंबुलेंस स्टाफ के हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। मरीजों को हायर सेंटर व रैफर करने में दिक्कतें आईं। एंबुलेंस न मिलने से मरीजों के तीमारदारों को अपने संसाधनों से अस्पताल आना पड़ा। एंबुलेंस नहीं मिलने की वजह से फिलहाल जिले में कोई अनहोनी की बात निकलकर सामने नहीं है।
डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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सोमवार से प्रांतीय आह्वान पर जीवनदायिनी कही जाने वाली जिले में चल रहीं 102 और 108 नंबर की 49 गाड़ियों के स्टाफ कर्मियों के बेमियादी हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। सुबह ही जिले भर से चालक एंबुलेंस लेकर यशवंतरी ग्राउंड पहुंचे और धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। कहा कि एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी हम लोगों का शोषण कर रही है। उन्होंने पांच सूत्री मांगें रखीं। जिसमें पायलट प्रोजेक्ट बंद करने, लंबित वेतन भुगतान करने, कर्मचारियों का शोषण बंद करने, फर्जी केस टारगेट बंद करने, ड्यूटी आठ घंटे निर्धारित करने की मांग हैं। इन मांगों को लेकर सभी चालकों और ईएमटी ने सीएमओ के माध्यम से प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं परिवार कल्याण लखनऊ को ज्ञापन भेजा।
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पूरनपुर। समस्याओं को लेकर सोमवार को एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर रहे। एंबुलेंस चालक अपने वाहनों के साथ जिला मुख्यालय रवाना हुए। विरोध प्रदर्शन को लेकर मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ सोमवार को नहीं मिला। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी असुविधा हुई।
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पूरनपुर। समस्याओं को लेकर सोमवार को एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर रहे। एंबुलेंस चालक अपने वाहनों के साथ जिला मुख्यालय रवाना हुए। विरोध प्रदर्शन को लेकर मरीजों को एंबुलेंस सेवा का लाभ सोमवार को नहीं मिला। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी असुविधा हुई।
सिटी मजिस्ट्रेट ने हड़काया तो एंबुलेंस लेकर दौड़े चालक
यशवंतरी ग्राउंड में जिले भर की एंबुलेंस खड़ी होने का पता चलने और इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने का पता चलने पर सिटी मजिस्ट्रेट का पारा चढ़ गया। वह सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. अश्वनी गुप्ता आदि के साथ धरना स्थल पर पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट ने चालकों से कहा कि एंबुलेंस सरकार ने मरीजों की सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराई हैं। जो भी मांग है उनको शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा। लिहाजा एंबुलेंस निर्धारित स्थलों पर ले जाकर खड़ी कर दी जाए। काफी समझाने के बाद भी जब चालक नहीं माने तो सिटी मजिस्ट्रेट ने कानूनी शिकंजा कसने की बात कही। इस पर आननफानन में चालक एंबुलेंस लेकर खिसक लिए।
एंबुलेंस स्टाफ के हड़ताल पर रहने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। मरीजों को हायर सेंटर व रैफर करने में दिक्कतें आईं। एंबुलेंस न मिलने से मरीजों के तीमारदारों को अपने संसाधनों से अस्पताल आना पड़ा। एंबुलेंस नहीं मिलने की वजह से फिलहाल जिले में कोई अनहोनी की बात निकलकर सामने नहीं है।
डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ