{"_id":"5d5c2fb58ebc3e6c7311ebfc","slug":"health-pilibhit-news-bly37296342","type":"story","status":"publish","title_hn":"चर्चे में आए बाबू तो सिस्टम ठिठका और ढीला पड़ने लगा ‘काबू’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चर्चे में आए बाबू तो सिस्टम ठिठका और ढीला पड़ने लगा ‘काबू’
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पीलीभीत। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एक महीने में सीमओ ऑफिस के दो लिपिकों पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। इसके बाद भी अफसर उन पर मेहरबान हैं। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करना तो दूर उन के दफ्तर आकर काम करने तक पर रोक नहीं लगाई गई है। इसे लेकर जब सवाल उठे तो मंगलवार को दोनों लिपिक सीएमओ कार्यालय नहीं पहुंचे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और जिला प्रशासन की फजीहत होने पर भी लिपिकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
सीएमओ कार्यालय के बाबुओं की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि जिला प्रशासन ही नहीं स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी उनके आगे घुटने टेकने को मजबूर हैं। इनमें एक लिपिक नाहिद का तो ऐसा रुतबा रहा है कि अफसर भी उससे खौफ खाते हैं। पिछले दिनों निजी अस्पतालों के लाइसेंस पंजीकरण और नवीनीकरण में खेल का पता चलने पर जब प्रशासन की फजीहत हुई तो लाइफ लाइन अस्पताल और मैकूलाल अस्पताल सील करा दिया गया। कई अन्य अस्पतालों में भी इसी तरह की गड़बड़ी की बात निकलकर सामने आने पर डीएम ने सीएमओ को नाहिद का पटल बदलने के निर्देश दिए, इसके कुछ दिन बाद ही डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही। इसी बीच आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लिपिक नाहिद खां के अलावा सीएमओ कार्यालय के लिपिक नीरज श्रीवास्तव पर एंटी करप्शन विभाग ने शिकंजा कसा। एक महीने के भीतर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उनके रसूख और राजनीतिक दबाव में घुटने टेक चुका स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन निलंबन तो दूर विभागीय कार्रवाई करने से भी बच रहा है। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण की रिपोर्ट अभी तक सीएमओ कार्यालय से शासन को भी नहीं भेजी गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से दोनों बाबू कार्यालय में पूर्व की भांति काम कर रहे थे। लगातार मामला अखबार की सुर्खियां बना तो मंगलवार को दोनों बाबू कार्यालय नहीं पहुंचे।
अन्य लिपिकों को भी सता रहा कार्रवाई का डर
सीएमओ कार्यालय के दो चर्चित लिपिकों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कई अन्य लिपिक भी रडार पर है। उनको भी कार्रवाई का डर सता रहा है। सीएमओ कार्यालय में पूर्व की भांति चहल पहल भी कम हो गई है। इसकी वजह महत्वपूर्ण पटलों पर जमे लिपिकों पर रिपोर्ट दर्ज होना बताया जाता है।
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बुधवार को लखनऊ में होने वाली प्रमुख सचिव की मीटिंग में शामिल होने के लिए मैं आज दोपहर में लखनऊ गई थी। गुरुवार को कार्यालय पहुंचने पर इस प्रकरण में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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सीएमओ कार्यालय के बाबुओं की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि जिला प्रशासन ही नहीं स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी उनके आगे घुटने टेकने को मजबूर हैं। इनमें एक लिपिक नाहिद का तो ऐसा रुतबा रहा है कि अफसर भी उससे खौफ खाते हैं। पिछले दिनों निजी अस्पतालों के लाइसेंस पंजीकरण और नवीनीकरण में खेल का पता चलने पर जब प्रशासन की फजीहत हुई तो लाइफ लाइन अस्पताल और मैकूलाल अस्पताल सील करा दिया गया। कई अन्य अस्पतालों में भी इसी तरह की गड़बड़ी की बात निकलकर सामने आने पर डीएम ने सीएमओ को नाहिद का पटल बदलने के निर्देश दिए, इसके कुछ दिन बाद ही डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजने की बात कही। इसी बीच आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लिपिक नाहिद खां के अलावा सीएमओ कार्यालय के लिपिक नीरज श्रीवास्तव पर एंटी करप्शन विभाग ने शिकंजा कसा। एक महीने के भीतर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उनके रसूख और राजनीतिक दबाव में घुटने टेक चुका स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन निलंबन तो दूर विभागीय कार्रवाई करने से भी बच रहा है। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण की रिपोर्ट अभी तक सीएमओ कार्यालय से शासन को भी नहीं भेजी गई है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से दोनों बाबू कार्यालय में पूर्व की भांति काम कर रहे थे। लगातार मामला अखबार की सुर्खियां बना तो मंगलवार को दोनों बाबू कार्यालय नहीं पहुंचे।
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अन्य लिपिकों को भी सता रहा कार्रवाई का डर
सीएमओ कार्यालय के दो चर्चित लिपिकों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कई अन्य लिपिक भी रडार पर है। उनको भी कार्रवाई का डर सता रहा है। सीएमओ कार्यालय में पूर्व की भांति चहल पहल भी कम हो गई है। इसकी वजह महत्वपूर्ण पटलों पर जमे लिपिकों पर रिपोर्ट दर्ज होना बताया जाता है।
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बुधवार को लखनऊ में होने वाली प्रमुख सचिव की मीटिंग में शामिल होने के लिए मैं आज दोपहर में लखनऊ गई थी। गुरुवार को कार्यालय पहुंचने पर इस प्रकरण में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
-डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ