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सरकार को चूना लगा रहे कई सरकारी डॉक्टर

Thu, 22 Aug 2019 06:30 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2019 06:30 PM IST
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Health
पीलीभीत। शासन को गुमराह कर सरकारी अस्पतालों में तैनात कई डॉक्टर सरकार को प्रतिमाह लाखों का चूना लगा रहे हैं। इनके द्वारा सरकार से प्राइवेट प्रैक्टिस न करने की शर्त पर नॉन प्रैक्टिस एलाउंस लिया जा रहा है, लेकिन कुछ तो घर पर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं और कई प्राइवेट नर्सिंग होमों में जाकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मरीजों से पर्चे के नाम पर 300 से 500 रुपये तक फीस वसूली जा रही है।
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जिला पुरुष और महिला अस्पताल के अलावा अन्य सरकारी अस्पतालों में कई डॉक्टर लंबे समय से जमे हैं, जो मनमाने तरीके से अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। इसका खामियाजा आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ता है। डॉक्टरों के ओपीडी में बैठने का समय आठ बजे है, लेकिन कुछ डॉक्टरों को छोड़कर कई समय से ओपीडी में नहीं बैठते। मरीज समय से पहुंचकर इंतजार करते हैं और डॉक्टर घरों में बैठकर प्राइवेट प्रैक्टिस कर अपनी जेब भरने में लगे रहते हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकार से हर महीने प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का पैसा लेने के बाद भी कई डॉक्टरों द्वारा प्राइवेट प्रैक्टिस कर सरकार को प्रतिमाह लाखों का चूना लगाया जा रहा है। यह खेल अफसरों से साठगांठ कर चल रहा है। दो मशहूर सर्जन तो ऐसे हैं जिन्हें अगर किसी अस्पताल से आपरेशन करने का बुलावा आता है तो वह एक प्राइवेट व्यक्ति जो एनेस्थेसिया का डॉक्टर नहीं है उसे अपने साथ लेकर आपरेशन करने के लिए पहुंच जाते हैं।
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इनके इशारे पर ही होता है प्राइवेट वार्ड का आवंटन
पीलीभीत। इन डॉक्टरों द्वारा जहां कमीशन के लालच में मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जाती हैं वहीं इनके इशारे पर ही प्राइवेट वार्ड का आवंटन होता है। अगर कोई बिना इनसे मिले प्राइवेट वार्ड का आवंटन कराना चाहे तो संभव नहीं है। प्राइवेट वार्ड के लिए लोग नंबर लगाए रहते हैं और जैसे ही डॉक्टर का फोन या उनका लिखा पर्चा वहां पहुंचता है तो संबंधित मरीज को वार्ड आवंटित हो जाता है।
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शासन स्तर से प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाल डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के सख्त निर्देश हैं। इसके बावजूद अगर कोई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहा है तो मामला संज्ञान में आने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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