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Pilibhit News: बजट नहीं मिलने से पांच नव स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र आठ माह से ठप
Sat, 22 Nov 2025 11:58 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 22 Nov 2025 11:58 PM IST
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बीसलपुर के गांव बरसिया के इसी भवन में प्रस्तावित है उप स्वास्थय केंद्र । स्रोत स्वास्थ्य विभाग
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बीसलपुर। ब्लॉक क्षेत्र में स्वीकृत किए गए पांच उप स्वास्थ्य केंद्र बजट की कमी के कारण आठ माह बाद भी शुरू नहीं हो सके हैं। अप्रैल से संचालन की तैयारी होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक बजट नहीं मिलने से ग्रामीण अब भी प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हैं।
क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से उठ रही मांग पर स्वास्थ्य विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष में ब्लॉक क्षेत्र के रिछोला सबल, बरसिया, मुसेली, महादेवा और रोहनिया आदि गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति प्रदान की थी। किराये पर संचालन के लिए भवन तलाश किए। निर्देशों के अनुसार इन केंद्रों का संचालन एक अप्रैल से शुरू होना था ताकि ग्रामीणों को नजदीक ही बुनियादी चिकित्सा सेवाएं मिल सकें लेकिन विभागीय स्तर पर बजट नहीं मिलने के कारण इन सभी केंद्रों का उद्घाटन अब तक टलता चला आ रहा है। आठ माह बीत जाने के बाद भी भवन और व्यवस्था तैयार होने के बावजूद संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इससे पांचों गांवों के लोगों में नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलमगीर का कहना है कि बजट उपलब्ध कराने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। बजट मिलते ही स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
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10 हजार की आबादी प्रभावित, लगाना पड़ रहा लंबा चक्कर
नव स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन नहीं होने से इन गांवों की करीब 10 हजार आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय सुविधा नहीं मिलने से लोगों को लंबी दूरी तय कर बीसलपुर सीएचसी जाना पड़ता है। इसके लिए दिन भर का समय खर्च होता है। वाहन आदि का प्रयोग करने से अतिरिक्त बोझ भी पड़ता है।
पांच लाख रुपये जारी न होने से अटका है संचालन
- नव स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए तीन हजार रुपये प्रति माह किराये पर भवन लिया है। इसके लिए मरम्मत आदि के लिए 15 हजार सालाना अतिरिक्त खर्च किया है। प्रथम किस्त के रूप में पांच लाख रुपये मिल जाने से इन उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो सकेगा। इसको लेकर पैरवी जारी है।
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क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से उठ रही मांग पर स्वास्थ्य विभाग ने पिछले वित्तीय वर्ष में ब्लॉक क्षेत्र के रिछोला सबल, बरसिया, मुसेली, महादेवा और रोहनिया आदि गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति प्रदान की थी। किराये पर संचालन के लिए भवन तलाश किए। निर्देशों के अनुसार इन केंद्रों का संचालन एक अप्रैल से शुरू होना था ताकि ग्रामीणों को नजदीक ही बुनियादी चिकित्सा सेवाएं मिल सकें लेकिन विभागीय स्तर पर बजट नहीं मिलने के कारण इन सभी केंद्रों का उद्घाटन अब तक टलता चला आ रहा है। आठ माह बीत जाने के बाद भी भवन और व्यवस्था तैयार होने के बावजूद संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इससे पांचों गांवों के लोगों में नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलमगीर का कहना है कि बजट उपलब्ध कराने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। बजट मिलते ही स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा।
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10 हजार की आबादी प्रभावित, लगाना पड़ रहा लंबा चक्कर
नव स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन नहीं होने से इन गांवों की करीब 10 हजार आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय सुविधा नहीं मिलने से लोगों को लंबी दूरी तय कर बीसलपुर सीएचसी जाना पड़ता है। इसके लिए दिन भर का समय खर्च होता है। वाहन आदि का प्रयोग करने से अतिरिक्त बोझ भी पड़ता है।
पांच लाख रुपये जारी न होने से अटका है संचालन
- नव स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए तीन हजार रुपये प्रति माह किराये पर भवन लिया है। इसके लिए मरम्मत आदि के लिए 15 हजार सालाना अतिरिक्त खर्च किया है। प्रथम किस्त के रूप में पांच लाख रुपये मिल जाने से इन उप स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो सकेगा। इसको लेकर पैरवी जारी है।