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Pilibhit News: राज्य अध्यापक पुरस्कार चयन को लेकर दिशा-निर्देश जारी
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पीलीभीत। हर साल राज्य सरकार की ओर से शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाता है। इसके लिए चयन प्रक्रिया पूरी की जाती है। नए शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए शासन ने चयन प्रक्रिया के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें 15 जून से आवेदन शुरू हो जाएंगे।
प्रदेश सरकार हर साल शिक्षकों को उनकी योग्यता और अन्य कई मानकों का परीक्षण करने के बाद राज्य अध्यापक पुरस्कार देती है। इस शैक्षिक सत्र के लिए भी शासन ने पुरस्कार के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा महानिदेशक बेसिक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य अध्यापक पुरस्कार वर्ष 2023 के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत अध्यापकों- अध्यापिकाओं के चयन के लिए प्रेरणा वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पत्र 15 जून से लिए जाएंगे।
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यह आवेदन 10 जुलाई तक किए जा सकते हैं। इसके बाद 15 से 25 जुलाई के मध्य जनपद चयन समिति की ओर से आवेदन पत्रों का अभिलेखीय आधार पर परीक्षण, सत्यापन एवं मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें दो श्रेष्ठ शिक्षकों के सतर्कता एवं सत्यनिष्ठा प्रमाण पत्र तथा उनके आवेदन पत्रों को पोर्टल के माध्यम से राज्य चयनसमिति को भेजा जाएगा।
26 जुलाई 2024 से 10 अगस्त 2024 के मध्य जनपद चयन समिति की ओर से भेजे गए शिक्षकों के आवेदन पत्रों का राज्य चयन समिति की ओर से पुर्नमूल्यांकन एवं चयन के लिए संस्तुति कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षकों के लिए यह रखीं शर्तें
बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों में कार्यरत केवल नियमित अध्यापक ही आवेदन के लिए मान्य होंगे। जरूरी है कि उन्होंने 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो तथा सेवानिवृत्त होने में पांच वर्ष से कम अवधि बची हो। प्राथमिक विद्यालय में 150 से कम, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 105 से कम एवं कंपोजिट विद्यालय में 255 विद्यार्थियों से कम नामांकन न हों। वृहददंड प्राप्त अध्यापक, संविदा शिक्षक एवं शिक्षामित्र इस पुरस्कार के लिए मान्य नहीं होंगे।
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यह रहेगी मूल्यांकन प्रक्रिया
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन तीन चरणों में किया जाएगा। इसमें वस्तुनिष्ठ मानक के तहत शिक्षकों को प्रत्येक वस्तुनिष्ठ मानक के सापेक्ष अंक प्रदान किया जाएगा। इन मानकों के लिए 40 बिंदु तय किए गए हैं। प्रदर्शन आधारित मानक में शिक्षकों को कार्य के मानक के आधार पर 40 अंक प्रदान किए जाएंगे। चयन समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण साक्षात्कार होगा। इसके लिए बीस अंक निर्धारित किए गए हैं ।
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जनपद स्तर पर यह रहेंगे चयन समिति में शामिल
पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन करने के लिए जिला स्तर पर जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अध्यक्ष, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य- सचिव, वरिष्ठतम खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य, जिलाधिकारी द्वारा नामित जनपद का एक शिक्षाविद भी सदस्य के रूप में शामिल रहेगा।
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प्रदेश सरकार हर साल शिक्षकों को उनकी योग्यता और अन्य कई मानकों का परीक्षण करने के बाद राज्य अध्यापक पुरस्कार देती है। इस शैक्षिक सत्र के लिए भी शासन ने पुरस्कार के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
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शिक्षा महानिदेशक बेसिक की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य अध्यापक पुरस्कार वर्ष 2023 के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल में कार्यरत अध्यापकों- अध्यापिकाओं के चयन के लिए प्रेरणा वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पत्र 15 जून से लिए जाएंगे।
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यह आवेदन 10 जुलाई तक किए जा सकते हैं। इसके बाद 15 से 25 जुलाई के मध्य जनपद चयन समिति की ओर से आवेदन पत्रों का अभिलेखीय आधार पर परीक्षण, सत्यापन एवं मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें दो श्रेष्ठ शिक्षकों के सतर्कता एवं सत्यनिष्ठा प्रमाण पत्र तथा उनके आवेदन पत्रों को पोर्टल के माध्यम से राज्य चयनसमिति को भेजा जाएगा।
26 जुलाई 2024 से 10 अगस्त 2024 के मध्य जनपद चयन समिति की ओर से भेजे गए शिक्षकों के आवेदन पत्रों का राज्य चयन समिति की ओर से पुर्नमूल्यांकन एवं चयन के लिए संस्तुति कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षकों के लिए यह रखीं शर्तें
बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों में कार्यरत केवल नियमित अध्यापक ही आवेदन के लिए मान्य होंगे। जरूरी है कि उन्होंने 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो तथा सेवानिवृत्त होने में पांच वर्ष से कम अवधि बची हो। प्राथमिक विद्यालय में 150 से कम, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 105 से कम एवं कंपोजिट विद्यालय में 255 विद्यार्थियों से कम नामांकन न हों। वृहददंड प्राप्त अध्यापक, संविदा शिक्षक एवं शिक्षामित्र इस पुरस्कार के लिए मान्य नहीं होंगे।
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यह रहेगी मूल्यांकन प्रक्रिया
राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन तीन चरणों में किया जाएगा। इसमें वस्तुनिष्ठ मानक के तहत शिक्षकों को प्रत्येक वस्तुनिष्ठ मानक के सापेक्ष अंक प्रदान किया जाएगा। इन मानकों के लिए 40 बिंदु तय किए गए हैं। प्रदर्शन आधारित मानक में शिक्षकों को कार्य के मानक के आधार पर 40 अंक प्रदान किए जाएंगे। चयन समिति के समक्ष प्रस्तुतीकरण साक्षात्कार होगा। इसके लिए बीस अंक निर्धारित किए गए हैं ।
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जनपद स्तर पर यह रहेंगे चयन समिति में शामिल
पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन करने के लिए जिला स्तर पर जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य अध्यक्ष, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य- सचिव, वरिष्ठतम खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य, जिलाधिकारी द्वारा नामित जनपद का एक शिक्षाविद भी सदस्य के रूप में शामिल रहेगा।