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Pilibhit News: डीआईओएस कार्यालय आई शासन की टीम, एक घंटे तक की जांच

Fri, 24 Jul 2026 02:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 02:02 AM IST
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Government team visits DIOS office; conducts inspection lasting one hour.
पीलीभीत। करोड़ों के घोटाले में चर्चाओं में रहने वाले डीआईओएस कार्यालय में बृहस्पतिवार को शासन से अधिकारियों की टीम पहुंचे। लोक आयुक्त लिखी कार में आए अधिकारियों ने करीब एक घंटे तक कार्यालय में गोपनीय जांच की। जांच की स्थिति बताने के बजाय अधिकारियों ने कुछ स्पष्ट न करते हुए किसी प्रकार की जानकारी साझा करने से इन्कार कर दिया।
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जिले का डीआईओएस कार्यालय फरवरी माह में सुर्खियों में आया था। चपरासी से बाबू बनकर कार्यालय में काम करने वाले इल्हाम शम्सी की ओर विभाग मदों का करीब एक करोड़ रुपये अपनी पत्नी अर्शी खातून के खाते में भेजने के बाद मामले का खुलासा हुआ था। डीएम की सख्ती के बाद तत्कालीन डीआईओएस ने इल्हाम और अर्शी के खिलाफ कोतवाली में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने विवेचना शुरू करते हुए आठ अन्य आरोपियों को विवेचना में शामिल करने के बाद वैधानिक कार्रवाई की थी। विभिन्न स्तर से हुई जांच में सामने आया कि इल्हाम करीब आठ साल से विभाग के करोड़ों रुपये को ठिकाने लगा रहा था। उसने 50 से अधिक खातों में करीब 50 करोड़ की धनराशि को ठिकाने लगाया। यह धनराशि न सिर्फ उसकी मर्जी के भेजी गई, बल्कि डीआईओएस, लिपिक, लेखाधिकारी, कोषागार के भी जिम्मेदारों ने उसमें अपनी संस्तुति दी थी। इसके बाद ही रुपये ट्रांसफर होता रहा। पुलिस ने कई खातों को फ्रिज भी कराया, लेकिन कार्रवाई की आंच सिर्फ इल्हाम और उसके रिश्तेदार, परिचितों तक सिमट कर रही गई, जबकि अन्य जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
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डीएम की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के बाद शासन ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया था, लेकिन कमेटी जांच के लिए जिले में नहीं पहुंच सकी थी।
इधर, बृहस्पतिवार करीब 12 बजे दो सरकारी गाड़ियां डीआईओएस कार्यालय पहुंचीं। एक गाड़ी पर लोक आयुक्त लिखा था। अधिकारियों की करीब एक घंटे तक कार्यालय में मौजूदगी रही। इस दौरान लिपिक समेत अन्य लोगों की आवाजाही होती रही। जांच को लेकर जब अधिकारियों से पूछा गया तो वह कुछ बताने पर राजी नहीं हुए। उन्होंने यह भी कहा कि डीआईओएस घोटाले से संबंधित जांच नहीं है, जो भी मामला है वह गोपनीय है। टीम की मौजूदगी के दौरान पुलिस भी कार्यालय गेट पर मौजूद रही। संवाद

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डीआईओएस बोले, चिकित्सा बिल संबंधित शिकायत पर जांच के लिए आई थी टीम
डीआईओएस विजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एक शिक्षक की चिकित्सा सुविधा से जुड़े बिल का भुगतान नहीं हो सका था। इस संबंध में शिक्षक की ओर से शिकायत की गई थी, जिसकी जांच के लिए शासन स्तर से संयुक्त सचिव के नेतृत्व में टीम जांच को कार्यालय पहुंची थी। संबंधित शिक्षक का बिल न मिलने से संबंधित जानकारी जुटाई। टीम का डीआईओएस कार्यालय में हुए गबन का कोई संपर्क नहीं रहा।
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