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दिन से ज्यादा रात में चमकने लगा गोमती उद्गम स्थल

Tue, 29 Dec 2020 12:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 29 Dec 2020 12:27 AM IST
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Gomati udgam isthal
गोमती उद्गम स्थल का निरीक्षण करने पहुंची टीम। - फोटो : PILIBHIT
माधोटांडा। लखनऊ की शान कहीं जाने वाली गोमती नदी के उद्गम स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करने की कवायद तेजी से चल रही है। डीएम पुलकित खरे के निर्देश पर उद्गम स्थल पर कैंटीन, पाथवे और हट बनाने का काम अंतिम चरण पर है। सौंदर्यीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। लाइटिंग के बाद दिन से अधिक रात में गोमती उद्गम स्थल चमकने लगा है।
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गोमती नदी का उद्गम स्थल माधोटांडा गांव से दो किलोमीटर दूरी पर है। यहां मुख्य फुलहर झील के अलावा दो अन्य झीलें है। प्रसिद्ध दुर्गा नाथ मंदिर पर श्रद्धालुओं की आस्था है। बीते माह डीएम ने गोमती उद्गम स्थल का निरीक्षण किया था, इसके बाद बैठक कर रणनीति बनाई थी। मंथन कर उद्गम स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए थे, इसके बाद से काम कराया जा रहा है। एक रिसॉर्ट की तरफ से मुख्य झील के सामने कैंटीन का निर्माण शुरू कराया गया। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बैठने के लिए चार हट बनाई हैं। झील के एक हिस्से में गौशाला का निर्माण होने के साथ दूसरे हिस्से में पाथवे बनाया जा रहा है। एक ट्री हट के अलावा दो सामान्य हट बनाई गई हैं। खास बात यह है कि उद्गम स्थल के झील क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की लाइटिंग की गई है। लैंप बॉक्स के अलावा रंग बिरंगी फोकस लाइटें लगाई गई है। इससे रात में उद्गम स्थल का नजारा अद्भुत नजर आ रहा है। गोमती मैया के मंदिर के सामने झील के क्षेत्र में चार खूबसूरत फव्वारे भी लगाए गए हैं। इसकी निगरानी अमरिया एसडीएम चंद्रभानु सिंह कर रहे हैं।
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छह हजार फूलों की प्रजातियों से सज रहा उद्गम स्थल
नोडल अधिकारी चंद्रभानु सिंह ने बताया कि उद्गम स्थल पर तीनों झीलों के अलावा कैंटीन और हटों के क्षेत्र को खूबसूरत बनाने के लिए विभिन्न प्रजातियों के करीब छह हजार फूलों और पौधे की व्यवस्था की गई है। यह काम लगातार जारी है।
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नए साल से बनारस की तर्ज पर होगी आरती
गोमती उद्गम स्थल को विकसित करने के लिए काम तेज गति से चल रहा है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए डीएम प्रयासरत हैं। इसके लिए बनारस की तर्ज पर रोजाना शाम पांच बजे आरती का आयोजन भी किया जाएगा। नए साल से गोमती उद्गम पर बनारस की तर्ज पर आरती होगी।
गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित कराया जा रहा है। इसके लिए तेजी से काम चल रहा हैं। पहले ही बैठक कर इसकी योजना बनाई जा चुकी है। अफसरों की निगरानी में काम चल रहा है। - पुलकित खरे, डीएम

गोमती उद्गम स्थल का भ्रमण करने पहुंची टीम
माधोटांडा। ‘मैं तुम्हारी गोमती हूूं’ अभियान के संयोजक सुशील सीतापुरी सोमवार को टीम के साथ गोमती उद्गम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने गोमती उद्गम स्थल का भ्रमण कर सीमाएं देखीं। सभी पहलुओं का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि लखनऊ से प्रकाशित एक पत्रिका में वह आदिगंगा के एतिहासिक, भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन का अध्ययन करके एक परिशिष्ट के रूप में धारावाहिक निकालेंगे। इसे भविष्य में पुस्तक का रूप देने की भी योजना बनाई गई है। इस दौरान गोमती किनारे के गांवों में गोष्ठियां और चौपाल भी लगाई। टीम में कुंवर निर्भय सिंह, समीर गुप्ता, दधीचि सिंह, पराग सिंह हैप्पी आदि थे।

गोमती उद्गम स्थल पर बनाई जा रही ट्री हट।

गोमती उद्गम स्थल पर बनाई जा रही ट्री हट।- फोटो : PILIBHIT

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