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Pilibhit News: प्रस्ताव में अटका गिधौर का स्टेडियम
Sat, 15 Feb 2025 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Sat, 15 Feb 2025 12:29 AM IST
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मझोला। अमरिया ब्लॉक के गांव गिधौर में युवा कल्याण विभाग की ओर से बनने वाला मल्टीपल खेल स्टेडियम बजट के संशोधित प्रस्ताव में अटक कर रह गया है। सात वर्ष बीतने के बाद भी न तो प्रस्ताव बना और न ही निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी। स्टेडियम के लिए चिह्नित की गई भूमि पर उपले पाथे जा रहे हैं। स्टेडियम निर्माण न होने से क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं में निराशा है।
खेलो इंडिया के तहत ग्राम पंचायत गिधौर में युवा कल्याण विभाग की ओर से वर्ष 2018 में मल्टीपल खेल स्टेडियम बनाने के लिए तीन एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। तत्कालीन डीएम अखिलेश मिश्र के निर्देश पर जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार और जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेंद्र सिंह गंगवार ने गांव गिधौर पहुंचकर आवंटित भूमि का निरीक्षण किया।
जमीन की नाप-जोख और अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गई। करीब 10 करोड़ रुपये से स्टेडियम निर्माण की बात कही गई, मगर जिले से इसका प्रस्ताव 13 करोड़ रुपये का भेज दिया गया। अधिक धनराशि के प्रस्ताव की पत्रावली को शासन ने वापस कर दिया। साथ ही दोबारा स्टीमेट मांगा गया। इसके बाद स्टेडियम निर्माण की पत्रावली लटक गई।
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करीब दो वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम पुलकित खरे ने मझोला का निरीक्षण कर प्रस्ताव में अटके स्टेडियम की सुध ली। स्टेडियम की पत्रावली तलब कर आरईएस के अधिकारियों को दोबारा से दस करोड़ रुपये तक का एस्टीमेट बनवाने के निर्देश दिए। इससे स्टेडियम निर्माण की उम्मीद जगी थी। बाद में स्टेडियम की पत्रावली फिर अटक गई।
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खेलो इंडिया के तहत ग्राम पंचायत गिधौर में युवा कल्याण विभाग की ओर से वर्ष 2018 में मल्टीपल खेल स्टेडियम बनाने के लिए तीन एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। तत्कालीन डीएम अखिलेश मिश्र के निर्देश पर जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार और जिला युवा कल्याण अधिकारी नरेंद्र सिंह गंगवार ने गांव गिधौर पहुंचकर आवंटित भूमि का निरीक्षण किया।
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जमीन की नाप-जोख और अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गई। करीब 10 करोड़ रुपये से स्टेडियम निर्माण की बात कही गई, मगर जिले से इसका प्रस्ताव 13 करोड़ रुपये का भेज दिया गया। अधिक धनराशि के प्रस्ताव की पत्रावली को शासन ने वापस कर दिया। साथ ही दोबारा स्टीमेट मांगा गया। इसके बाद स्टेडियम निर्माण की पत्रावली लटक गई।
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करीब दो वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम पुलकित खरे ने मझोला का निरीक्षण कर प्रस्ताव में अटके स्टेडियम की सुध ली। स्टेडियम की पत्रावली तलब कर आरईएस के अधिकारियों को दोबारा से दस करोड़ रुपये तक का एस्टीमेट बनवाने के निर्देश दिए। इससे स्टेडियम निर्माण की उम्मीद जगी थी। बाद में स्टेडियम की पत्रावली फिर अटक गई।