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आम बजट : टैक्स स्लैब बढ़े, ई-कामर्स कंपनियों पर लगाम लगे

Fri, 31 Jan 2025 12:14 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Fri, 31 Jan 2025 12:14 AM IST
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General budget: Tax slabs increased, e-commerce companies should be curbed
अफरोज जिलानी।
पीलीभीत। आम बजट से आमजन के साथ ही व्यापारियों को भी काफी उम्मीदें हैं। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के नियमों में सरलीकरण की उम्मीद जताई जा रही है। व्यापार की प्रक्रिया आसान और सुरक्षित हो, व्यापारियों की जमा-पूंजी और स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी बजट से उम्मीद की जा रही है। ई-कामर्स कंपनियों की वजह से चौपट हो रहे व्यापार को लेकर भी व्यापारी मुखर हैं। इस समस्या को लेकर गई बार आवाज भी उठाई गई है। उम्मीद है कि एक फरवरी को आ रहे आम बजट में इन कंपनियों पर लगाम के लिए भी कुछ जरूर होगा। व्यापारी टैक्स स्लैब बढ़ाए जाने की मांग भी कर रहे हैं। जिले के कई व्यापारी नेताओं ने आम बजट को लेकर अपनी उम्मीदें बताईं।
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फोटो: 27
व्यापारियों के लिए हो स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड
आयुष्मान की तर्ज पर व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड बनाया जाए। उससे भी 10 लाख रुपये तक के इलाज की छूट मिले। जीएसटी में पंजीकृत 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यापारियों के लिए भी पेंशन की व्यवस्था हो। जीएसटी स्लैब को घटना चाहिए। 28 फीसदी वाले जीएसटी स्लैब को 20 प्रतिशत करें तो व्यापारियाें को लाभ मिले। टैक्स स्लैब को बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक होना चाहिए।
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- अफरोज जिलानी, जिलाध्यक्ष उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल

फोटो: 28
ऑनलाइन कंपनियों पर लगाम
व्यापारियों के लिए जीएसटी में कई दिक्कतें हैं। जीएसटी स्लैब में भी सुधार जरूरी है। जीएसटी के नियमों का सरलीकरण हो। स्लैब कम हो, व्यापारियों को आम बजट से यही उम्मीद है। इसके अलावा ऑनलाइन कॉमर्स कंपनियों पर भी लगाम लगे। इनकी वजह से व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इनके लिए भी नियम जरूरी हैं।
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- अभिषेक अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भारतीय उद्योग व्यापार मंडल

फोटो: 29
शिक्षा से संबंधित काॅपी, पेन, पेंसिल और अन्य वस्तुओं पर जीएसटी कम होनी चाहिए। यह पहले 12 प्रतिशत थी, इसे बढ़ाकर 18 कर दिया गया है। उम्मीद है कि बच्चों की पढ़ाई वस्तुओं और उपकरणों को टैक्स फ्री किया जाए। इसके अलावा टैक्स स्लैब कम से कम 10 लाख रुपये तक किया जाए। पीलीभीत से दिल्ली की ट्रेनों का संचालन हो, जिससे व्यापार बढ़ेगा।
- देवेश बंसल, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल पीलीभीत

अफरोज जिलानी।

अफरोज जिलानी।

अफरोज जिलानी।

अफरोज जिलानी।

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