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कूड़ा निस्तारण केंद्र : बजट मिलने के बाद 10 माह में सिर्फ मिट्टी ही पड़ सकी
Fri, 21 Jul 2023 12:56 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 21 Jul 2023 12:56 AM IST
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माधोटांडा में अधूरा पड़ा कूड़ा निस्तारण केंद्र का कार्य। संवाद
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कलीनगर। ग्राम पंचायतों को बेहतर बनाने के लिए शासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अतिरिक्त बजट जारी किया है। ओडीएफ प्लस की श्रेणी में आने के बाद माधोटांडा ग्राम पंचायत का चयन कर यहां कूड़ा निस्तारण समेत अन्य संसाधनों के लिए बजट दिया गया है, लेकिन 10 माह में जमीन चिह्नित कर सिर्फ मिट्टी ही डाली जा सकी है। गांव में फैली गंदगी से लोग परेशान हैं।
ग्राम पंचायत माधोटांडा की आबादी 35 हजार है। कस्बा ओडीएफ प्लस श्रेणी में शामिल है। सफाईकर्मियों की कमी होने से कस्बे में गंदगी के अंबार लगे रहते हैं। वार्ड एक और तीन में तो बेतहाशा गंदगी है। इससे लोग परेशान हैं। पिछले साल स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 70 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट दिया गया। इससे कस्बे में दो कूड़ा निस्तारण केंद्रों के निर्माण के अलावा सफाई के संसाधन जुटाने थे, लेकिन अफसरों की लापरवाही से अब तक कोई काम नहीं हो सका है।
ग्राम पंचायत की ओर से कूड़ा निस्तारण केंद्रों के लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। कुछ माह पूर्व काम भी शुरू कराया गया, लेकिन नींव खोदने के बाद मिट्टी का भराव कर काम बंद कर दिया गया। कस्बे में कुछ स्थानों पर कूड़ाघर बनाए गए हैं। कूड़ा उठाने के लिए रिक्शा भी खरीदे गए, लेकिन कूड़े का निस्तारण न होने से कस्बे की सफाई व्यवस्था नहीं सुधर पा रही है।
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समीक्षा बैठक में गलत रिपोर्ट देकर किया जा रहा बचाव
स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति परखने के लिए शासन स्तर से निगरानी की जा रही है। छह माह पूर्व बरेली में हुई मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में जनपद के अफसरों ने चयनित गांवों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त दिखा बता दिया था, लेकिन जिम्मेदारों ने हकीकत परखने की जरूरत नहीं समझी।
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ग्राम पंचायत माधोटांडा की आबादी 35 हजार है। कस्बा ओडीएफ प्लस श्रेणी में शामिल है। सफाईकर्मियों की कमी होने से कस्बे में गंदगी के अंबार लगे रहते हैं। वार्ड एक और तीन में तो बेतहाशा गंदगी है। इससे लोग परेशान हैं। पिछले साल स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 70 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट दिया गया। इससे कस्बे में दो कूड़ा निस्तारण केंद्रों के निर्माण के अलावा सफाई के संसाधन जुटाने थे, लेकिन अफसरों की लापरवाही से अब तक कोई काम नहीं हो सका है।
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ग्राम पंचायत की ओर से कूड़ा निस्तारण केंद्रों के लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। कुछ माह पूर्व काम भी शुरू कराया गया, लेकिन नींव खोदने के बाद मिट्टी का भराव कर काम बंद कर दिया गया। कस्बे में कुछ स्थानों पर कूड़ाघर बनाए गए हैं। कूड़ा उठाने के लिए रिक्शा भी खरीदे गए, लेकिन कूड़े का निस्तारण न होने से कस्बे की सफाई व्यवस्था नहीं सुधर पा रही है।
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समीक्षा बैठक में गलत रिपोर्ट देकर किया जा रहा बचाव
स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति परखने के लिए शासन स्तर से निगरानी की जा रही है। छह माह पूर्व बरेली में हुई मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में जनपद के अफसरों ने चयनित गांवों में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त दिखा बता दिया था, लेकिन जिम्मेदारों ने हकीकत परखने की जरूरत नहीं समझी।