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Pilibhit News: तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ी जाएं
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पीलीभीत में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते समाजिक कार्यकर्ता शिवम।स्रोत:स्वयं
मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रशासन उठाए कदम, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए जिले के तालाबों में गंबूजिया मछलियों को छोड़े जाने की मांग की गई है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता शिवम ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि डेंगू बुखार अक्तूबर माह से अपना प्रभाव दिखाना प्रारंभ कर देता है। डेंगू को लेकर प्रदेश के मत्स्य विभाग को शामिल कर इसकी रोकथाम की जा सकती है। मत्स्य विभाग के सहयोग से तालाबों में माॅस्किटोफिश (गंबूजिया) मछली छोड़ी जाएं, तो मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण किया जा सकता है। बता दें कि एक मछली प्रतिदिन 250 लार्वा खाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए जिले के तालाबों में गंबूजिया मछलियों को छोड़े जाने की मांग की गई है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता शिवम ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि डेंगू बुखार अक्तूबर माह से अपना प्रभाव दिखाना प्रारंभ कर देता है। डेंगू को लेकर प्रदेश के मत्स्य विभाग को शामिल कर इसकी रोकथाम की जा सकती है। मत्स्य विभाग के सहयोग से तालाबों में माॅस्किटोफिश (गंबूजिया) मछली छोड़ी जाएं, तो मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण किया जा सकता है। बता दें कि एक मछली प्रतिदिन 250 लार्वा खाती है।
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