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बीसलपुर के किशनी गांव में गलाघोंटू से छह पशुओं की मौत, दर्जनों बीमार
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बीसलपुर। पशुपालन विभाग के कर्मचारियों द्वारा टीकाकरण न करने से गांव किशनी में पशुओं में जानलेवा गलाघोंटू बीमारी फैलने लगी है। पिछले एक पखवाड़े से गांव में गलाघोंटू से पशुओं की मौतें हो रही हैं। गलाघोंटू रोग से बीते एक सप्ताह में छह पशुओं की मौत हो गई और दर्जनों इसी बीमारी से जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं।
किशनी के प्रधान जितेंद्र गंगवार ने बताया कि पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने गांव के अंदर पशुओं गलाघोंटू रोग के टीके नहीं लगाए। इससे पिछले एक पखवाड़े से गांव में पशुओं के अंदर गलाघोंटू रोग फैल गया है। एक सप्ताह के अंदर गलाघोंटू से छह पशुओं की मौत हो गई। रामकिशोर की बछिया और पड़िया, मेवाराम, बनवारी लाल की एक एक भैंस, राजीव कुमार, कालीचरन की एक-एक पड़िया और गिरधारी लाल की गाय मर गई। इसके अलावा दर्जनों पशु गलाघोंटू रोग से ग्रसित होकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इससे पशुपालक परेशान हैं। प्रधान ने बताया कि उन्होंने परेवा किशनी के पशु अस्पताल की डॉ. विभा सिंह से अपने गांव के पशुओं का टीकाकरण कराने की मांग की थी। उन्हें गांव में गलाघोंटू रोग फैलने और पशुओं के मरने की भी सूचना दी थी लेकिन उनकी ओर से कुछ नहीं किया गया। प्रधान का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर अक्सर तो आती ही नहीं है। अस्पताल का संचालन एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर रहा है। डिप्टी सीवीओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि सोमवार को गांव में टीम भेजकर पशुओं की मौत की जांच कराई जाएगी। गांव में जो पशु बीमार हैं, उनका उपचार कराया जाएगा।
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किशनी के प्रधान जितेंद्र गंगवार ने बताया कि पशुपालन विभाग के कर्मचारियों ने गांव के अंदर पशुओं गलाघोंटू रोग के टीके नहीं लगाए। इससे पिछले एक पखवाड़े से गांव में पशुओं के अंदर गलाघोंटू रोग फैल गया है। एक सप्ताह के अंदर गलाघोंटू से छह पशुओं की मौत हो गई। रामकिशोर की बछिया और पड़िया, मेवाराम, बनवारी लाल की एक एक भैंस, राजीव कुमार, कालीचरन की एक-एक पड़िया और गिरधारी लाल की गाय मर गई। इसके अलावा दर्जनों पशु गलाघोंटू रोग से ग्रसित होकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इससे पशुपालक परेशान हैं। प्रधान ने बताया कि उन्होंने परेवा किशनी के पशु अस्पताल की डॉ. विभा सिंह से अपने गांव के पशुओं का टीकाकरण कराने की मांग की थी। उन्हें गांव में गलाघोंटू रोग फैलने और पशुओं के मरने की भी सूचना दी थी लेकिन उनकी ओर से कुछ नहीं किया गया। प्रधान का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर अक्सर तो आती ही नहीं है। अस्पताल का संचालन एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कर रहा है। डिप्टी सीवीओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि सोमवार को गांव में टीम भेजकर पशुओं की मौत की जांच कराई जाएगी। गांव में जो पशु बीमार हैं, उनका उपचार कराया जाएगा।
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