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गजरौला क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीण परेशान
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गजरौला(पीलीभीत)। जंगल से बाहर बाघ और तेंदुए की चहलकदमी कई दिन से किसानों के लिए मुसीबत बनी हुई है। बराही, चांदूपुर के साथ अब गजरौला के गांव में तेंदुए की मौजूदगी मिली। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। इसके बाद वन विभाग की क्षेत्रीय टीम ने जानवर के पैरों के निशान ट्रेस किए तो उसमें तेंदुआ पाया गया। इसके बाद वन विभाग ने गांव के आसपास निगरानी बढ़ा दी है।
टाइगर रिजर्व की माला रेंज से बाहर गजरौला के आसपास गांवों में बाघ और तेंदुए की दस्तक कई दिनों से देखी जा रही है। इलाके के आधा दर्जन गांवों के आसपास अक्सर बाघ, तेंदुए की मौजूदगी देखी जाती रही है। महुआ गांव में पूर्व में बाघ के हमले के चलते दो ग्रामीण घायल भी हो चुके हैं। इसी गांव की सीमा में दो दिन से तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही है। बुधवार को ग्रामीण ओमकार के धान के खेत की ओर गए तो तेंदुए के पगचिह्न देखे। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। उसके बाद वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर पगचिह्न ट्रेस किए। ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुआ लगातार इलाके में चहलकदमी कर रहा है। उधर, वन दारोगा राम प्रकाश ने बताया की महुआ गांव में बाघ की सूचना पर पगचिह्न ट्रेस किए गए थे। उसमें वह तेंदुआ निकला। इसको देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि चंद वाचर ही यदाकदा गांव में गश्त करने आते हैं।
बोले ग्रामीण: बढ़ रही तेंदुए की दस्तक
गांव की सीमा में पूर्व में भी तेंदुए की कई दिनों तक दहशत रही थी। अब फिर तेंदुआ की दस्तक शुरू हो गई है। खेतों की ओर मौजूदगी देखी जा रही है। विभाग को रोकथाम के उपाय खोजना चाहिए। - धनीराम
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फसलों की रखवाली के लिए खेतों की ओर मौजूद रहना पड़ता है। तेंदुए की मौजूदगी के चलते खतरा बढ़ गया है। गन्ने में शरण लिया तेंदुआ कभी भी खतरा बन सकता है। - राम बहादुर
तेंदुए की चहलकदमी की सूचना मिलने के बाद से ही गांव में निगरानी बढ़ा दी गई है। बुधवार को मौके पर पहुंची टीम ने पगचिह्न भी ट्रेस किए थे। सुरक्षा की दृष्टि ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। - रामजी, रेंजर माला
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टाइगर रिजर्व की माला रेंज से बाहर गजरौला के आसपास गांवों में बाघ और तेंदुए की दस्तक कई दिनों से देखी जा रही है। इलाके के आधा दर्जन गांवों के आसपास अक्सर बाघ, तेंदुए की मौजूदगी देखी जाती रही है। महुआ गांव में पूर्व में बाघ के हमले के चलते दो ग्रामीण घायल भी हो चुके हैं। इसी गांव की सीमा में दो दिन से तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही है। बुधवार को ग्रामीण ओमकार के धान के खेत की ओर गए तो तेंदुए के पगचिह्न देखे। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। उसके बाद वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर पगचिह्न ट्रेस किए। ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुआ लगातार इलाके में चहलकदमी कर रहा है। उधर, वन दारोगा राम प्रकाश ने बताया की महुआ गांव में बाघ की सूचना पर पगचिह्न ट्रेस किए गए थे। उसमें वह तेंदुआ निकला। इसको देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि चंद वाचर ही यदाकदा गांव में गश्त करने आते हैं।
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बोले ग्रामीण: बढ़ रही तेंदुए की दस्तक
गांव की सीमा में पूर्व में भी तेंदुए की कई दिनों तक दहशत रही थी। अब फिर तेंदुआ की दस्तक शुरू हो गई है। खेतों की ओर मौजूदगी देखी जा रही है। विभाग को रोकथाम के उपाय खोजना चाहिए। - धनीराम
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फसलों की रखवाली के लिए खेतों की ओर मौजूद रहना पड़ता है। तेंदुए की मौजूदगी के चलते खतरा बढ़ गया है। गन्ने में शरण लिया तेंदुआ कभी भी खतरा बन सकता है। - राम बहादुर
तेंदुए की चहलकदमी की सूचना मिलने के बाद से ही गांव में निगरानी बढ़ा दी गई है। बुधवार को मौके पर पहुंची टीम ने पगचिह्न भी ट्रेस किए थे। सुरक्षा की दृष्टि ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है। - रामजी, रेंजर माला