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Pilibhit News: मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी स्वाइन फ्लू की जांच, सीएचसी में बनेंगे पांच-पांच बेड के वार्ड
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जिला अस्पताल में बना स्वाइन फ्लू वार्ड। संवाद
प्रदेश में 350 से अधिक मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई सतर्कता, जिला अस्पताल में 14 बेड का वार्ड तैयार
पीलीभीत। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 350 से अधिक मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में भी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर पांच-पांच बेड के स्वाइन फ्लू वार्ड बनाने और प्रवेश द्वार पर फीवर हेल्प डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ऑक्सीजन, दवाओं और मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कवायद शुरू कर दी गई है।
सीएमओ डॉ. बीसी पंत ने बताया कि स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों की समय से पहचान और उपचार के लिए सभी सीएचसी को अलर्ट किया गया है। फीवर हेल्प डेस्क पर बुखार, खांसी-जुकाम, बदन दर्द समेत अन्य लक्षणों वाले मरीजों की जांच की जाएगी। गंभीर लक्षण मिलने पर मरीज को मेडिकल कॉलेज भेजकर आवश्यक जांच कराई जाएगी।
वहीं जिला अस्पताल में 14 बेड का आइसोलेशन वार्ड स्वाइन फ्लू वार्ड के रूप में तैयार किया गया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्वाइन फ्लू की जांच शुरू करने के लिए किट और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। संबंधित दवाओं की आपूर्ति के लिए मांग भेजी गई है। अस्पताल में मास्क के इस्तेमाल को भी अनिवार्य किया गया है। संवाद
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स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द व अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या लगातार बिगड़ती तबीयत गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
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पीलीभीत। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 350 से अधिक मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में भी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर पांच-पांच बेड के स्वाइन फ्लू वार्ड बनाने और प्रवेश द्वार पर फीवर हेल्प डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ऑक्सीजन, दवाओं और मास्क की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कवायद शुरू कर दी गई है।
सीएमओ डॉ. बीसी पंत ने बताया कि स्वाइन फ्लू के संभावित मरीजों की समय से पहचान और उपचार के लिए सभी सीएचसी को अलर्ट किया गया है। फीवर हेल्प डेस्क पर बुखार, खांसी-जुकाम, बदन दर्द समेत अन्य लक्षणों वाले मरीजों की जांच की जाएगी। गंभीर लक्षण मिलने पर मरीज को मेडिकल कॉलेज भेजकर आवश्यक जांच कराई जाएगी।
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वहीं जिला अस्पताल में 14 बेड का आइसोलेशन वार्ड स्वाइन फ्लू वार्ड के रूप में तैयार किया गया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्वाइन फ्लू की जांच शुरू करने के लिए किट और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। संबंधित दवाओं की आपूर्ति के लिए मांग भेजी गई है। अस्पताल में मास्क के इस्तेमाल को भी अनिवार्य किया गया है। संवाद
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स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण
स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द व अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या लगातार बिगड़ती तबीयत गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।