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चीनी मिल के चार अधिकारियों ने लखनऊ जाकर दिया स्पष्टीकरण
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बीसलपुर। चीनी मिल के आरोपी अधिकारियों ने शुक्रवार को लखनऊ में फेडरेशन कार्यालय में स्पष्टीकरण देकर कहा है कि उन्होंने अपनी नौकरी लगवाने की एवज में कोई भी सुविधा शुल्क नहीं दिया।
फेडरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया कि किसान सहकारी चीनी मिल के चार अधिकारियों ने करीब पांच वर्ष पूर्व अपनी नौकरी लगवाने की एवज में फेडरेशन के तत्कालीन अधिकारियों को15-15 लाख रुपया सुविधा शुल्क दिया था। यह बात संज्ञान में आते ही इस मामले की जांच शुरू हो गई। जांच के क्रम में फेडरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दो दिन पूर्व चीनी मिल के इन चारों अधिकारियों को नोटिस भेजकर तत्काल फेडरेशन कार्यालय आकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। नोटिस मिलते ही अधिकारी शुक्रवार को सुबह लखनऊ रवाना हो गए थे। चारों अधिकारियों ने शुक्रवार को दोपहर लखनऊ स्थित फेडरेशन कार्यालय में स्प्ष्टीकरण देते हुए बताया कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए फेडरेशन के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों को कोई सुविधा शुल्क नहीं दिया था। उन लोगों ने नौकरी अपनी योग्यता के आधार पर हासिल की है। स्पष्टीकरण देने के बाद चार में से एक अधिकारी शनिवार को चीनी मिल वापस भी आ गया है। इनमें से एक अधिकारी ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि मिल से गए अधिकारियों ने फेडरेशन कार्यालय में स्पष्टीकरण दे दिया है। इस बाबत जानकारी करने के लिए जब चीनी मिल के जीएम एसएल पाल को फोन किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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फेडरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया कि किसान सहकारी चीनी मिल के चार अधिकारियों ने करीब पांच वर्ष पूर्व अपनी नौकरी लगवाने की एवज में फेडरेशन के तत्कालीन अधिकारियों को15-15 लाख रुपया सुविधा शुल्क दिया था। यह बात संज्ञान में आते ही इस मामले की जांच शुरू हो गई। जांच के क्रम में फेडरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दो दिन पूर्व चीनी मिल के इन चारों अधिकारियों को नोटिस भेजकर तत्काल फेडरेशन कार्यालय आकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। नोटिस मिलते ही अधिकारी शुक्रवार को सुबह लखनऊ रवाना हो गए थे। चारों अधिकारियों ने शुक्रवार को दोपहर लखनऊ स्थित फेडरेशन कार्यालय में स्प्ष्टीकरण देते हुए बताया कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए फेडरेशन के तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों को कोई सुविधा शुल्क नहीं दिया था। उन लोगों ने नौकरी अपनी योग्यता के आधार पर हासिल की है। स्पष्टीकरण देने के बाद चार में से एक अधिकारी शनिवार को चीनी मिल वापस भी आ गया है। इनमें से एक अधिकारी ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि मिल से गए अधिकारियों ने फेडरेशन कार्यालय में स्पष्टीकरण दे दिया है। इस बाबत जानकारी करने के लिए जब चीनी मिल के जीएम एसएल पाल को फोन किया गया तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।
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