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Pilibhit News: किशोरी को ले जाने के विवाद में हुई हत्या में चार गिरफ्तार
Mon, 11 Nov 2024 03:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Mon, 11 Nov 2024 03:04 AM IST
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घुंघचाई थाने पहुंचे एसपी अविनाश पांडेय ।स्रोत:ग्रामीण
घुंघचाई। घुंघचाई थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी को ले जाने के विवाद में शनिवार शाम को हुई उसके दादा की हत्या के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक नामजद आरोपी अभी भी फरार है। मृतक भाजपा जनप्रतिनिधि के तहेरे भाई थे। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।
एक गांव निवासी पीड़ित पक्ष ने बताया कि अक्तूबर में माधोटांडा के जमुनिया खास निवासी सचिन उनके परिवार की 16 वर्षीय किशोरी को बहलाकर ले गया था। 18 अक्तूबर को सचिन और उसके ममेरे भाई महेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी को तलाश कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। शनिवार सुबह इसी बात पर कहासुनी के बाद मारपीट हुई।
इसकी सूचना पीड़ित पक्ष ने थाने में दी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शाम को आरोपी पक्ष ने किशोरी को जबरन खींचकर ले जाने की कोशिश की। इसका विरोध करने पर किशोरी के दादा की आरोपियों ने बांका और लाठी-डंडों से हमला कर हत्या कर दी। परिवार के पांच अन्य लोग भी घायल हुए थे। पुलिस ने गांव निवासी रामकिशेन, महेंद्र, सर्वेश, कुलदीप व रानीगंज निवासी दीपक के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। कुलदीप को छोड़ बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीओ विशाल चौधरी ने बताया कि गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस तैनात है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
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दो दिन बाद होनी थी मृतक के पौत्र की शादी
मृतक के पौत्र की शादी दो दिन बाद होनी थी। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। घटना के बाद शादी वाले घर में मातम पसरा हुआ है। किशोरी अपने माता-पिता की मौत के बाद दादा के पास ही रहती थी।
दरोगा बोले: मेरी लापरवाही, मारना-पीटना है तो मुझे मारो
वारदात के बाद परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाए थे। कहा कि तीन बार सूचना देने के बाद भी पुलिस गांव नहीं आई। पुलिस अगर उनकी शिकायत सुनती तो घटना नहीं होती। पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत के आरोप भी लगाए। इधर घटना के बाद एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें घटनास्थल पर रो रहे परिजनों से एक दरोगा यह कहता हुए नजर आ रहे कि मेरी लापरवाही रही कि मौके पर नहीं पहुंचा। जो होना था हो गया। अब मारना-पीटना है तो मुझे मार लो। हालांकि बताया जा रहा कि घटना स्थल उक्त दरोगा के हलका क्षेत्र में नहीं है।
कांग्रेस प्रदेश संगठन ने दी प्रतिक्रिया
भाजपा के एक जनप्रतिनिधि से जुड़े होने से मामला तूल पकड़ गया। शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूपी कांग्रेस के नाम से बने अकाउंट से भी इस संबंध में पोस्ट की गई। इसमें कहा गया कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों का परिवार ही सुरक्षित नहीं हैं तो आमजन की सुरक्षा कैसे संभव है।
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एक गांव निवासी पीड़ित पक्ष ने बताया कि अक्तूबर में माधोटांडा के जमुनिया खास निवासी सचिन उनके परिवार की 16 वर्षीय किशोरी को बहलाकर ले गया था। 18 अक्तूबर को सचिन और उसके ममेरे भाई महेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी को तलाश कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। इसके बाद से ही दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। शनिवार सुबह इसी बात पर कहासुनी के बाद मारपीट हुई।
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इसकी सूचना पीड़ित पक्ष ने थाने में दी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शाम को आरोपी पक्ष ने किशोरी को जबरन खींचकर ले जाने की कोशिश की। इसका विरोध करने पर किशोरी के दादा की आरोपियों ने बांका और लाठी-डंडों से हमला कर हत्या कर दी। परिवार के पांच अन्य लोग भी घायल हुए थे। पुलिस ने गांव निवासी रामकिशेन, महेंद्र, सर्वेश, कुलदीप व रानीगंज निवासी दीपक के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। कुलदीप को छोड़ बाकी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीओ विशाल चौधरी ने बताया कि गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस तैनात है। फरार आरोपी की तलाश की जा रही है।
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दो दिन बाद होनी थी मृतक के पौत्र की शादी
मृतक के पौत्र की शादी दो दिन बाद होनी थी। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। घटना के बाद शादी वाले घर में मातम पसरा हुआ है। किशोरी अपने माता-पिता की मौत के बाद दादा के पास ही रहती थी।
दरोगा बोले: मेरी लापरवाही, मारना-पीटना है तो मुझे मारो
वारदात के बाद परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाए थे। कहा कि तीन बार सूचना देने के बाद भी पुलिस गांव नहीं आई। पुलिस अगर उनकी शिकायत सुनती तो घटना नहीं होती। पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत के आरोप भी लगाए। इधर घटना के बाद एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें घटनास्थल पर रो रहे परिजनों से एक दरोगा यह कहता हुए नजर आ रहे कि मेरी लापरवाही रही कि मौके पर नहीं पहुंचा। जो होना था हो गया। अब मारना-पीटना है तो मुझे मार लो। हालांकि बताया जा रहा कि घटना स्थल उक्त दरोगा के हलका क्षेत्र में नहीं है।
कांग्रेस प्रदेश संगठन ने दी प्रतिक्रिया
भाजपा के एक जनप्रतिनिधि से जुड़े होने से मामला तूल पकड़ गया। शनिवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूपी कांग्रेस के नाम से बने अकाउंट से भी इस संबंध में पोस्ट की गई। इसमें कहा गया कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों का परिवार ही सुरक्षित नहीं हैं तो आमजन की सुरक्षा कैसे संभव है।