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वनकर्मियों को दी गई वन्यजीव कानून और जीपीएस की जानकारी
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
Updated Sun, 01 Mar 2015 11:38 PM IST
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गांधी प्रेक्षागृह में हुई कार्यशाला का शुभारंभ टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने किया। उन्होंने कहा कि वनकर्मियों को वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी प्रकार भी ढिलाई नहीं करनी चाहिए। विभाग के अधिवक्ता डीपी सिंह ने टाइगर रिजर्व बनने के बाद अपराध एवं अपराधियों पर लागू होने वालू कानूनों एवं अपराधों में होने वाली सजा की जानकारी दी। एसडीओ डीपी सिंह ने वाइल्ड लाइफ के बारे में बताया। उन्होंने सांपों की प्रजातियों के बारे में बताया कि कुल 52 प्रकार के सांप पाए जाते हैं। इसमें केवल पांच छह प्रजातियां की खतरनाक हैं।
वनाधिकारी राजाराम शर्मा ने फारेस्ट फायर मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने फायर सीजन में आग लगाने के तरीके और किसी अन्य दशा में आग लगने पर उसे नियंत्रित करने की जानकारी दी। कार्यशाला का संचालन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने किया। इस मौके पर टाइगर रिजर्व एवं सामाजिक वानिकी के वनक्षेत्राधिकारी केपी सिंह, डीके सिंह, वीरपाल सिंह, मोहम्मद शहनियाज सहित कई वनकर्मी मौजूद रहे।
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वनाधिकारी राजाराम शर्मा ने फारेस्ट फायर मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने फायर सीजन में आग लगाने के तरीके और किसी अन्य दशा में आग लगने पर उसे नियंत्रित करने की जानकारी दी। कार्यशाला का संचालन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने किया। इस मौके पर टाइगर रिजर्व एवं सामाजिक वानिकी के वनक्षेत्राधिकारी केपी सिंह, डीके सिंह, वीरपाल सिंह, मोहम्मद शहनियाज सहित कई वनकर्मी मौजूद रहे।
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