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पीलीभीत में बाढ़ का खतरा: शारदा में छोड़ा गया 1.67 लाख क्यूसेक पानी, देवहा नदी भी उफनाई; अलर्ट जारी

Thu, 14 Aug 2025 06:21 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 14 Aug 2025 06:21 PM IST
सार

पीलीभीत जिले में फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। देवहा नदी में 38966 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि शारदा में 1.67 लाख क्यूसेक पानी रिलीज किया गया है। इसको देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। 

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flood alert in pilibhit due to rising water level of Sharda and Devhi rivers
शारदा नदी में आया उफान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पीलीभीत जिले में नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया। बृहस्पतिवार को दोपहर तक ड्यूनी डैम से 38966 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से देवहा नदी उफना गई। इससे शहर और उससे सटे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। देर रात तक पानी का प्रवाह बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। उधर, वनबसा बैराज से शारदा नदी में 1.67 लाख क्यूसेक पानी रिलीज होने पर बाढ़ की आशंका से नदी किनारे के लोगों में फिर खलबली मच गई है। इसको लेकर प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क किया गया है।

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पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बाद ड्यूनी डैम में पानी का दबाव बढ़ गया। बृहस्पतिवार को सुबह से ही डैम से देवहा नदी में पानी पास किया जाने लगा। शाम पांच बजे तक 38966 हजार क्यूसेक पानी पास होने से देवहा नदी उफनाने लगी। हालांकि डैम से पास किए गए पानी का असर देर रात तक शहर के निचले इलाकों में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
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लगातार बढ़ रहे देवहा नदी के जलस्तर के बाद प्रशासन की टीम भी अलर्ट हुई है। तहसील सदर की टीम ने शहर और आसपास के निचले इलाकों में पहुंचकर लोगों को नदी के किनारे न जाने समेत जरूरी सामान को सुरक्षित करने के प्रति जागरूक किया है।

ब्रह्मचारी घाट पर दिनभर लगी रही भीड़
देवहा नदी में जलस्तर बढ़ने की जानकारी के बाद शहर के काफी लोग बृहस्पतिवार दोपहर ब्रह्मचारी घाट पहुंचे और पानी पर टकटकी लगाए रहे। शाम तक पानी बढ़ता गया है। हालांकि देर शाम तक शहर और आसपास कहीं जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो सकी है। राजस्व विभाग की टीम भी अलर्ट नजर आईं।

इन इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
देवहा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद शहर के मोहल्ला बेनी चौधरी, खकरा, डालचंद, फीलखाना के अलावा पकड़िया नौगवा, ईदगाह रोड और शहर से सटे मीरापुर, चंदोई, नावकूड़, बेहरी गांव आदि स्थानों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

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55 हजार क्यूसेक पर बिगड़ जाती है स्थिति
शहर से सटे इलाके से गुजरने वाली देवहा नदी में वैसे तो 35 हजार से अधिक पानी आने पर निचले इलाकों में जलभराव की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन 55 हजार क्यूसेक पानी पास होने के बाद स्थिति बिगड़ जाती है। पिछले साल आई बाढ़ के बाद देवहा नदी में 56 हजार क्यूसेक तक पानी पास हुआ था। जिसके बाद शहर के आधे हिस्से में जलभराव की स्थिति बदतर हो गई थी।

शारदा में उफान, कर रही कटान 
गांव चंदिया हजारा के समीप शारदा नदी पिछले छह दिन से उस स्थान के पास कटान कर रही है, जहां पर कटान रोकने को परकोपाइन और कटर बनाए गए थे। नदी ने बृहस्पतिवार को गांव निवासी निमिता सरकार और शिवपद के खेत को चपेट में लेना शुरू कर दिया। दोनों किसानों की आधा-आधा एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ना की फसल नदी में समा गई।

बैराज से शारदा नदी में दिन में 11 बजे 1.26 लाख क्यूसेक, 12 बजे 1.45 लाख क्यूसेक और शाम तक 1.67 लाख क्यूसेक पानी रिलीज होने से बाढ़ की आशंका पर नदी किनारे के लोगों में खलबली मच गई है। वनबसा बैराज से शाम को और पानी रिलीज होने और बाढ़ आने की आशंका पर लोगों ने घरों का सामान ऊंचे स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया।

कैलाश नदी के उफनाने से मझोला-सितारगंज मार्ग कटा
पीलीभीत जिले में कैलाश नदी के उफनाने से मझोला-सितारगंज मार्ग उत्तराखंड की सीमा में कट गया। इससे आवागमन ठप हो गया। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार पिछले साल भी इसी जगह पर मार्ग पर कटा था। जिसके बाद उत्तराखंड सरकार की ओर से कटे स्थान पर पुलिया बनाने के साथ इंटर लॉकिंग कार्य कराया गया था। बृहस्पतिवार को पानी बढ़ने के बाद मार्ग कटने से करीब 15 गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। 

मझोला से सितारगंज जाने वाले मार्ग पर रोजाना हजारों लोग आवागम करते हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार पिछले साल बाढ़ के दौरान उत्तराखंड की सीमा में मार्ग कट गया था। जिसके बाद उत्तराखंड सरकार की ओर से मरम्मत कार्य के रूप में करीब छह पाइप डलवाकर पुलिया निर्माण कराने के बाद उसके ऊपर इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया था। करीब दो माह तक आवागमन ठप रहा था। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई थी। 

इधर बृहस्पतिवार दोपहर बाद पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद क्षेत्र से गुजरने वाली कैलाश नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी ने पिछले साल  काटे गए स्थान को निशाने पर लिया और धीरे-धीरे पाइप बहने से मार्ग कट गया। करीब बीस फुट दायरे में मार्ग कटने से आवागमन ठप हो गया। जानकारी पर क्षेत्रीय लोगों में हड़कंप गया है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार इस मार्ग से मझोला क्षेत्र के भिंडारा, मजगमी, कटईया, बिहरैनी समेत गांवों के लोगों का उत्तराखंड के लिए आना-जाना होता है।

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