UP: पत्नी ने खोली शिक्षक पति की पोल... एससी कोटे से बुलंदशहर में पाई नौकरी, जाति प्रमाणपत्र निकला फर्जी
Bareilly News: बहेड़ी तहसील के गांव दौलतपुर निवासी केंद्रपाल ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर बुलंदशहर में शिक्षक की नौकरी पाई ली। उसकी पत्नी ने शिकायत की तो इसका खुलासा हुआ।
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बुलंदशहर जिले में एससी कोटे से शिक्षा विभाग में नौकरी पाने का मामला सामने आया है। यह खुलासा शिक्षक की पत्नी ने ही किया है। शिकायत पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए हैं। बरेली की बहेड़ी तहसील के गांव दौलतपुर निवासी केंद्रपाल ने नौकरी के दस्तावेजों में सदर तहसील से जारी जाति और निवास प्रमाणपत्र लगाया है। जाति प्रमाणपत्र में उसे धनगर जाति (अनुसूचित जाति) का प्रमाणित किया गया है, जबकि जांच में उसके ओबीसी वर्ग का होने की पुष्टि हुई है।
बहेड़ी तहसीलदार की जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि सदर तहसील से केंद्रपाल ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे न सिर्फ जाति व निवास प्रमाणपत्र प्राप्त किया, बल्कि, उसने शिक्षा विभाग को गुमराह कर सहायक अध्यापक पद की नौकरी भी पा ली। 20 मई 2016 को सदर तहसील से जारी जाति प्रमाणपत्र (204164004866) पर धनगर जाति लिखी हुई है।
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इसी तरह उसे जून 2019 में सदर तहसील से ही निवास प्रमाणपत्र जारी हुआ है। ये दोनों दस्तावेज मोहल्ला जागृति नगर, ग्राम करगैना के पते पर जारी हुए हैं। जबकि वह मूल रूप से बहेड़ी तहसील का निवासी है। जांच के बाद तहसीलदार बहेड़ी ने अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट आठ जुलाई को तहसीलदार सदर और बुलंदशहर जिले के डीआईओएस को भेजी है।
प्रधान-कोटेदार ने केंद्रपाल को ओबीसी वर्ग का बताया
पड़ताल के दौरान दौलतपुर गांव में कानूनगो संजीव कुमार सिंह, कृष्णपाल सिंह, लेखपाल सौरभ चौहान व धर्मवीर सिंह ने केंद्रपाल के सगे भाई प्रेमपाल सिंह के बयान दर्ज किए हैं। प्रेमपाल गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र हैं। जांच रिपोर्ट में केंद्रपाल की जाति की पुष्टि के लिए राजस्व कर्मियों ने प्रेमपाल का जाति और निवास प्रमाणपत्र भी शामिल किया है, जिसमें जाति गड़रिया (ओबीसी) दर्ज है। इसके अलावा गांव के प्रधान मो. नाजिम, कोटेदार भूपेंद्र सिंह व ग्रामीण राशिद, इश्त्याक, धर्मवीर, आजाद, शाहिद, मुन्ने, इंद्रजीत समेत अन्य लोगों के बयान भी रिपोर्ट में शामिल किए हैं। इन सभी ने केंद्रपाल की जाति गड़रिया और गांव दौलतपुर का मूल निवासी होना बताया है।
अक्तूबर 2020 में पाई थी नौकरी
ओबीसी श्रेणी के आधार पर केंद्रपाल ने 23 अक्तूबर 2020 को बुलंदशहर के पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज रसूलगढ़ पहासू में इंटरमीडिएट के छात्रों को अंग्रेजी पढ़ाने के लिए सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति पाई थी। वर्तमान में वह बुलंदशहर के ही राजकीय हाईस्कूल बदरखासी खास पहासू में संबद्ध है। फिर केंद्रपाल की पत्नी की तरफ से शिकायत आने पर डीआईओएस विनय कुमार ने चार जून 2025 को बरेली के एसडीएम सदर को पत्र लिखा था, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
तहसीलदार बहेड़ी भानु प्रताप ने बताया कि केंद्रपाल बहेड़ी तहसील के दौतलपुर गांव का मूल निवासी है। उसका निवास और जाति प्रमाणपत्र सदर तहसील से जारी हुआ है। वह ओबीसी वर्ग का है, जबकि सदर तहसील से जारी प्रमाणपत्र में उसे धनगर जाति का प्रमाणित किया गया है। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बुलंदशहर डीआईओएस को भेजी गई है।