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शारदा नदी पर शुरू हुआ मछली का अवैध शिकार
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माधोटांडा। कोरोना वायरस को लेकर चल रहे लॉकडाउन के बीच शारदा नदी पर मछली का अवैध शिकार शुरू हो गया है। मछलियों को खरीदने के लिए कॉलोनियों में भीड़ भी लगती है। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वनकर्मी इससे अंजान हैं।
कलीनगर क्षेत्र स्थित शारदा डैम की तलहटी में बंगाली बहुल बस्तियों में रहने वालों का प्रमुख भोजन मछली है। लॉकडाउन के चलते बाहर की मंडियों से मछली की सप्लाई बंद चल रही है। शारदा सागर डैम के ठेकेदार ने भी मछली के शिकार पर रोक लगा रखी है। ऐसे में क्षेत्र में मछली दिलाने वाले कुछ दलाल सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में आने वाली शारदा नदी पर छोटी- छोटी नावें डालकर मछलियों का अवैध शिकार शुरू कर दिया। क्षेत्रीय वन कर्मियों की खामोशी शिकार में जुटे लोगों को संरक्षण दे रही है। लॉकडाउन की परवाह किए बगैर शिकारी देर शाम कॉलोनियों में पहुंचकर खुलेआम मछलियों की बिक्री करते हैं। इन्हें खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जमा होने से लॉकडाउन भी टूटता है। क्षेत्रीय पुलिस भी फिलहाल इस पूरे मामले से अंजान है।
मछली के शिकार का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। रमनगरा और नौजल्हा के सेक्शन अधिकारियों को जांच कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। अवैध शिकार किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। -डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी, बराही रेंज
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कलीनगर क्षेत्र स्थित शारदा डैम की तलहटी में बंगाली बहुल बस्तियों में रहने वालों का प्रमुख भोजन मछली है। लॉकडाउन के चलते बाहर की मंडियों से मछली की सप्लाई बंद चल रही है। शारदा सागर डैम के ठेकेदार ने भी मछली के शिकार पर रोक लगा रखी है। ऐसे में क्षेत्र में मछली दिलाने वाले कुछ दलाल सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में आने वाली शारदा नदी पर छोटी- छोटी नावें डालकर मछलियों का अवैध शिकार शुरू कर दिया। क्षेत्रीय वन कर्मियों की खामोशी शिकार में जुटे लोगों को संरक्षण दे रही है। लॉकडाउन की परवाह किए बगैर शिकारी देर शाम कॉलोनियों में पहुंचकर खुलेआम मछलियों की बिक्री करते हैं। इन्हें खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जमा होने से लॉकडाउन भी टूटता है। क्षेत्रीय पुलिस भी फिलहाल इस पूरे मामले से अंजान है।
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मछली के शिकार का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। रमनगरा और नौजल्हा के सेक्शन अधिकारियों को जांच कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। अवैध शिकार किसी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। -डीके गोयल, वन क्षेत्राधिकारी, बराही रेंज
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